पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान शुरू, 152 सीटों पर लोकतंत्र का महासंग्राम


कलकत्ता (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की शुरुआत बृहस्पतिवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो गई। उत्तर में दार्जिलिंग की पहाड़ियों से लेकर दक्षिण के मैदानी क्षेत्रों तक फैले 152 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। यह चरण न केवल सीटों की संख्या के लिहाज से अहम है, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला भी माना जा रहा है।
राज्य की कुल 294 सीटों में से आधे से अधिक पर इस चरण में मतदान हो रहा है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। चुनावी माहौल में मतदाताओं का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है, खासकर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मतदाताओं से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि लोकतंत्र के इस पर्व में हर नागरिक को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए, विशेषकर युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान करें।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें करीब 1.75 करोड़ महिला मतदाता और 465 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की लगभग 2,450 कंपनियां, यानी करीब 2.5 लाख जवान, विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं।

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आयोग ने 8,000 से अधिक मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया है। मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार, बीरभूम और पूर्व बर्धमान जैसे जिलों को विशेष निगरानी में रखा गया है। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।
राजनीतिक दृष्टि से यह चरण खास तौर पर उत्तर बंगाल के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां की सभी 54 सीटों पर मतदान हो रहा है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने इसी क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन किया था, जिसने 2021 के विधानसभा चुनाव में उसे एक प्रमुख चुनौतीकर्ता के रूप में स्थापित किया।
2021 के चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो इन 152 सीटों में से भाजपा ने 59 सीटें जीती थीं, जबकि Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने 93 सीटों पर जीत दर्ज की थी। ऐसे में इस बार भाजपा के लिए उत्तर बंगाल में अपनी पकड़ बनाए रखना बेहद जरूरी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की कोशिश होगी कि वह भाजपा को बड़ी बढ़त लेने से रोके।
इस चरण में कई बड़े राजनीतिक चेहरे मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। नंदीग्राम से Suvendu Adhikari, माथाभांगा से निशीथ प्रमाणिक, दिनहाटा से उदयन गुहा, सिलीगुड़ी से गौतम देव और बहरामपुर से Adhir Ranjan Chowdhury जैसे दिग्गज उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
इस बार का चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था, जिसमें करीब 91 लाख नाम हटाए गए। इसे लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी देखने को मिला।
चुनाव के अगले चरण 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। पहले चरण का मतदान यह संकेत देगा कि राज्य की जनता किस दिशा में अपना समर्थन दे रही है और आगे की राजनीतिक रणनीति किस तरह तय होगी।

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