
नोएडा/कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। सामाजिक संगठन यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के सौजन्य से नोएडा में जातीय जनगणना और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नोएडा के साथ गाजियाबाद और दिल्ली से सामाजिक एवं विभिन्न जातीय संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
बैठक में जातीय जनगणना में ओबीसी से संबंधित आंकड़ों, आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक हिस्सेदारी जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि जातीय जनगणना के आंकड़े सामाजिक वर्गों की वास्तविक स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ओबीसी कॉलम और आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी की मांग
यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अरुणेश यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए जातीय जनगणना में ओबीसी से जुड़े प्रावधानों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जातीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं दिया गया है।
डॉ. अरुणेश यादव ने कहा कि यदि जातीय जनगणना पारदर्शी और सही तरीके से कराई जाती है तो विभिन्न सामाजिक वर्गों की आबादी के आंकड़े स्पष्ट होंगे। उनके अनुसार, ओबीसी समाज की आबादी करीब 65 प्रतिशत है और आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व तथा हिस्सेदारी के मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि ओबीसी समाज को उसकी आबादी के अनुरूप अधिकार और हिस्सेदारी देने के विषय पर सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है।
हालांकि, बैठक में इस संबंध में रखे गए आंकड़े और आरोप वक्ताओं के विचार के रूप में सामने आए।
नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली से पहुंचे प्रतिनिधि
बैठक में नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली से जुड़े विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जातीय जनगणना और आरक्षण व्यवस्था पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने सामाजिक एवं आर्थिक आंकड़ों के आधार पर पिछड़े वर्गों की स्थिति का आकलन करने और प्रतिनिधित्व से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता बताई।
इस दौरान फोनरवा के कोषाध्यक्ष पवन यादव, व्यवसायी एवं समाजसेवी इंदर सिंह, रविंद्र सिंह, सुधाकर यादव, डॉ. संजय यादव, समाजसेवी एवं शिक्षक नेता डॉ. कुलदीप मलिक, ओबीसी कांग्रेस नेता विजयपाल चौधरी और बलराज चावड़ा समेत अन्य लोगों ने अपने विचार साझा किए।
सामाजिक संगठनों ने आगे की रणनीति पर भी की चर्चा
यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सुमति यादव, सुरेश यादव, अरविंद यादव, सुशील यादव, पत्रकार विक्रांत यादव, महेंद्र यादव, रविंद्र सिंह, सौरभ यादव, नितिन यादव, ओम देव सिंह, सुरेंद्र सिंह, अजय चौधरी, सीबी यादव और राजेश यादव सहित कई अन्य लोग बैठक में मौजूद रहे।
आयोजकों के मुताबिक बैठक में सैकड़ों लोगों की भागीदारी रही। इस दौरान जातीय जनगणना, आरक्षण और सामाजिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श के साथ भविष्य में इन विषयों को लेकर सामाजिक स्तर पर आगे की दिशा तय करने पर भी चर्चा हुई।