खनिकर्म विभाग पर ठेकेदारों के उत्पीड़न का आरोप, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों ने रॉयल्टी और एमएम-11 से जुड़ी व्यवस्था को लेकर खनिकर्म विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई है। ठेकेदार संगठन के अध्यक्ष शरद कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पिछले कई वर्षों से लंबित समस्या के समाधान के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि खनिकर्म विभाग द्वारा रॉयल्टी के नाम पर ठेकेदारों का उत्पीड़न किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष और शासन स्तर से पहले भी संस्तुतियां एवं पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
पत्र में वर्ष 2022 और 2025 में लोक निर्माण विभाग की ओर से भेजे गए पत्रों का हवाला दिया गया है। इनमें निर्माण कार्यों में प्रयुक्त होने वाले उपखनिजों पर देय रॉयल्टी की वसूली ठेकेदारों के देयकों से किए जाने की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा गया था।
एमएम-11 को लेकर सामने आई समस्या
शासन के 2 दिसंबर 2022 के पत्र के अनुसार, लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों में खनिज पदार्थ प्रायः मूल रूप में इस्तेमाल न होकर परिवर्तित रूप में उपयोग किए जाते हैं। ऐसी स्थिति में खनन पट्टाधारक से क्रशर संस्थानों को एमएम-11 जारी किया जाता है। इसके बाद एक से अधिक ठेकेदारों द्वारा संबंधित एमएम-11 प्रस्तुत न कर पाने की स्थिति में उन पर कई गुना रॉयल्टी का भार पड़ने की बात शासन के पत्र में दर्ज है।
ठेकेदार संगठन का आरोप है कि एमएम-11 व्यवस्था के कथित दुरुपयोग के कारण उन्हें सामान्य रॉयल्टी की तुलना में कई गुना आर्थिक दंड का सामना करना पड़ रहा है। इससे प्रदेशभर के ठेकेदारों में असंतोष बढ़ रहा है।
कार्यालयों में पोस्टर लगाकर जता रहे विरोध
पत्र में कहा गया है कि समस्या के समाधान की मांग को लेकर प्रदेश के विभिन्न लोक निर्माण विभाग कार्यालयों में पोस्टर के माध्यम से अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। इसके बावजूद ठेकेदारों की समस्या का समाधान नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश के ठेकेदार काम बंद करने की दिशा में जाने को मजबूर हो सकते हैं। इससे लोक निर्माण विभाग से जुड़े निर्माण कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
मुख्यमंत्री से तत्काल निर्देश देने की मांग
ठेकेदार संगठन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि खनिकर्म विभाग को लोक निर्माण विभाग द्वारा पूर्व में भेजे गए पत्रों पर आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए और रॉयल्टी व एमएम-11 से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए।
पत्र की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग, प्रमुख सचिव खनिकर्म विभाग, निदेशक खनिकर्म विभाग, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के सलाहकार को भी भेजी गई है।