सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का बड़ा एक्शन, दिल्ली में 4 मंजिल से ज्यादा के अवैध निर्माण होंगे सील; दोषी अफसरों पर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई


नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत के दर्दनाक हादसे में छह लोगों की मौत के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी में अवैध बहुमंजिला निर्माणों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू करने का फैसला किया है। MCD ने चार मंजिल से अधिक ऊंची अवैध इमारतों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसे निर्माणों की अनुमति या अनदेखी में भूमिका पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने हादसे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि अवैध निर्माण को रोकने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ तत्काल बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
सत्य निकेतन में रविवार छात्रों के लिए PG के तौर पर इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। NDRF, दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग समेत कई एजेंसियों ने रातभर अभियान चलाकर मलबे में फंसे लोगों की तलाश की। अब तक 13 लोगों को मलबे से बाहर निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
AIIMS के मुताबिक, हादसे के बाद 11 मरीजों को जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया। इनमें पांच लोगों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल एक मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीन मरीजों का इलाज जारी है, एक घायल की अंग की सर्जरी की गई है, जबकि मामूली चोट वाले एक मरीज को निगरानी के बाद छुट्टी दे दी गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इमारत में बेसमेंट के स्तर पर मरम्मत या निर्माण संबंधी काम चल रहा था। हादसे की असली वजह की जांच जारी है। इमारत की उम्र को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं, इसलिए इसकी सटीक उम्र को लेकर आधिकारिक जांच का इंतजार है।
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने जैसी धाराओं के तहत जांच शुरू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
MCD की कार्रवाई के केंद्र में अब सत्य निकेतन समेत दिल्ली के उन इलाकों की बहुमंजिला इमारतें हैं, जहां नियमों का उल्लंघन कर अतिरिक्त मंजिलें बनाए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नगर निगम के आदेश के बाद ऐसी इमारतों की पहचान, जांच और सीलिंग की कार्रवाई तेज होने की संभावना है। सत्य निकेतन हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि अवैध निर्माण समय रहते क्यों नहीं रोके गए और भवन सुरक्षा नियमों की निगरानी में कहां चूक हुई।