स्वास्थ्य सेवाओं की जांच कर डीएम ने दिए सख्त निर्देश, मरीजों को बेहतर इलाज और योजनाओं का पारदर्शी लाभ देने पर जोर
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बरहज का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान करीब 10 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए। इनमें 9 संविदा कर्मचारी और एक नियमित कर्मचारी शामिल है। डीएम ने अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए।
डीएम ने निरीक्षण के दौरान दवा-इलाज, स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सहित अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उपस्थिति पंजिका, एमसीपी कार्ड और मरीजों के पंजीकरण रजिस्टर का भी अवलोकन किया।
मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीज इलाज से संतुष्ट होकर अस्पताल से जाएं, यह सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही या भेदभाव नहीं करने की चेतावनी दी।
OPD, इमरजेंसी और प्रसव कक्ष का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल के OPD, इमरजेंसी, प्रसव कक्ष और दवा स्टॉक की स्थिति देखी। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली।
अस्पताल परिसर में साफ-सफाई समेत सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। प्रसव केंद्र का निरीक्षण करते हुए उन्होंने सुचारू रूप से डिलीवरी कराने और गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों और स्टाफ नर्स को दिए।
अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान लगभग 10 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले। इनमें 9 संविदा और एक नियमित कर्मचारी शामिल हैं। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन बाधित करने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य के निरीक्षण में यदि व्यवस्थाओं में कमी या कर्मचारियों की लापरवाही पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।