माली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पश्चिम अफ्रीकी देश माली से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। वहां पाँच भारतीय नागरिकों का अपहरण कर लिया गया है। माली में बढ़ती आतंकी गतिविधियों और चरमपंथी हिंसा के बीच यह घटना भारतीय समुदाय के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई है।

अधिकारियों ने शनिवार को इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हथियारबंद लोगों ने गुरुवार को पश्चिमी माली के कोबरी क्षेत्र के पास इन भारतीयों को अगवा किया। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, सभी पीड़ित स्थानीय विद्युतीकरण परियोजनाओं से जुड़ी एक भारतीय कंपनी में कार्यरत थे।

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कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि घटना के बाद बाकी सभी भारतीय कर्मचारियों को राजधानी बमाको सुरक्षित पहुँचा दिया गया है। हालांकि, अब तक किसी भी संगठन ने इस अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है।

ज्ञात रहे कि माली में पिछले कई वर्षों से अल-कायदा और आईएसआईएस से जुड़े आतंकवादी समूह सक्रिय हैं। इनमें सबसे प्रमुख है जेएनआईएम (इस्लाम और मुसलमानों के समर्थन समूह), जिसने हाल के महीनों में देशभर में हिंसा और ईंधन आपूर्ति पर रोक जैसी सख्त पाबंदियाँ लगाई हैं।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, माली में विदेशी नागरिकों के अपहरण की घटनाएँ आम हो चली हैं। इस साल सितंबर में इसी संगठन ने दो अमीराती और एक ईरानी नागरिक का भी अपहरण किया था, जिन्हें कथित तौर पर करीब 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की फिरौती देने के बाद रिहा किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि माली की राजनीतिक अस्थिरता, बार-बार के तख्तापलट और रूस की ओर झुकाव ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को और कमजोर कर दिया है। राजधानी बमाको भले ही सरकारी नियंत्रण में है, लेकिन जेएनआईएम के लगातार विस्तार ने स्थानीय नागरिकों में दहशत फैला दी है।

भारत सरकार की ओर से अभी तक इस अपहरण पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विदेश मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है।