
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर यूपी के बालवाटिकाओं में ‘आओ सुनें और सुनाएं कहानी’ अभियान, बच्चों की सीखने की नींव होगी मजबूत
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार बालवाटिका स्तर से ही बच्चों के सीखने की क्षमता विकसित करने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को सहज, आनंदमय और रचनात्मक बनाने के उद्देश्य से विशेष कहानी-कथन गतिविधि आयोजित की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों, बालवाटिकाओं और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में ‘आओ सुनें और सुनाएं कहानी’ गतिविधि आयोजित की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को कहानियों के माध्यम से सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है। कहानी सुनने और अपनी बात कहानी के रूप में साझा करने से बच्चों में भाषा कौशल, कल्पनाशक्ति, अभिव्यक्ति क्षमता और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार की प्राथमिकता है कि बच्चों को शुरुआती स्तर पर ऐसा सीखने का वातावरण मिले, जिसमें पढ़ाई बोझ न लगे और वे खेल, कहानी तथा रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से आसानी से सीख सकें। बालवाटिका स्तर पर मजबूत आधार तैयार होने से आगे की कक्षाओं में बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को भी बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
‘आओ सुनें और सुनाएं कहानी’ जैसी गतिविधियों के जरिए बच्चों को सुनने, समझने, बोलने और अपनी कल्पना को व्यक्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अभियान के माध्यम से शिक्षा विभाग बच्चों के लिए सीखने को आनंद और रचनात्मकता से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि बुनियादी शिक्षा की नींव शुरुआती उम्र से ही मजबूत की जा सके।