Tag: लोकतंत्र

लोकतंत्र में राजनीति: समाज सेवा का सर्वोच्च माध्यम या सत्ता का खेल?

लेखक: चंद्रकांत सी. पूजारी, गुजरात लोकतंत्र में राजनीति को समाज सेवा का सर्वोच्च माध्यम माना जाता है। जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे जनता की आशाओं, आकांक्षाओं और…

डिजिटल संप्रभुता,लोकतंत्र और सोशल मीडिया जवाबदेही :मेटा विवाद, नीट आंदोलन और उभरती वैश्विक नीति चुनौती -28 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट की गंभीर टिप्पणियां -समग्र व्यापक विश्लेषण

भारतीय पीएम द्वारा जेन- ज़ेड, को संबोधित एक फेसबुक पोस्ट, वीडियो प्लेटफ़ॉर्म से हट जाने की घटना ने अनेक प्रश्न खड़े किए -मेटा ने तकनीकी त्रुटि बताते सामग्री पुनःबहाल क़ी…

मिशन डेमोग्राफी 2026: अवैध घुसपैठ और बदलती आबादी पर केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी

मिशन डेमोग्राफी: अवैध घुसपैठ, आईएमडीटी एक्ट और भारत की बदलती जनसांख्यिकीय चुनौती भारत में जनसांख्यिकीय परिवर्तन अब केवल आबादी का प्रश्न नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, लोकतंत्र और संवैधानिक संतुलन का…

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन : लोकतंत्र, विकास और जनविश्वास की नई परीक्षा

पश्चिम बंगाल 2026 : जनादेश से सत्ता परिवर्तन तक, क्या शुरू होगा विकास का नया सवेरा? भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी जनता है। जब जनता परिवर्तन का मन…

असम में बीजेपी की हैट्रिक, बंगाल से तमिलनाडु तक नया राजनीतिक संदेश

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों ने बदली देश की सियासी तस्वीर 2026 विधानसभा चुनाव: बंगाल में खिला कमल, असम में बीजेपी की हैट्रिक, तमिलनाडु में विजय फैक्टर से बदला सियासी…

ममता की वापसी या बीजेपी का कमल? बंगाल के नतीजों पर टिकी दुनिया की नजर

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 : लोकतंत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेशपश्चिम बंगाल में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान केवल एक चुनावी आंकड़ा नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की गहरी भागीदारी…

सोशल मीडिया, हेट स्पीच और कानून : 2026 के ऐतिहासिक फैसले का बड़ा संदेश

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम हेट स्पीच : डिजिटल युग में कानून, लोकतंत्र और सामाजिक संतुलन का बड़ा सवाल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती नफरत भरी भाषा ने सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक…

महिला आरक्षण की आड़ में लोकतंत्र पर वार?

लेखक: राजेन्द्र शर्मा महिला आरक्षण का रास्ता साफ करने के नाम पर बुलाई गई संसद की तीन दिन की विशेष बैठक में जब सरकार की ओर से संविधान संशोधन समेत…

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023: सशक्तिकरण या प्रॉक्सी राजनीति का नया खतरा?

नारी शक्ति कानून पर सवाल: क्या बढ़ेगा प्रॉक्सी कंट्रोल? विशेष संसद सत्र (16-18 अप्रैल 2026) के संदर्भ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र…

महिला आरक्षण कानून: सशक्तिकरण या पर्दे के पीछे की राजनीति?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023: क्या बढ़ेगा वास्तविक नेतृत्व या सिर्फ़ संख्या? प्रॉक्सी राजनीति पर सख़्त कानून की ज़रूरत गोंदिया। भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सशक्त बनाने के…

तीन राज्यों में मतदान का जोश, असम-पुडुचेरी में 80% से ज्यादा वोटिंग

केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान, लोकतंत्र के पर्व में दिखा जबरदस्त उत्साह नईदिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)देश के तीन महत्वपूर्ण राज्यों—केरल, असम और पुडुचेरी—की सभी विधानसभा सीटों पर…

मतदाता जागरूकता के लिए एनएसएस रैली, सेवा और लोकतंत्र पर हुआ विचार-विमर्श

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल इंटर कॉलेज महराजगंज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा नेहरू नगर पिपरदेउरा में आयोजित सप्तदिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन मतदाता जागरूकता अभियान के…

मतदान से ही सशक्त होगा लोकतंत्र: प्रो. पूनम टंडन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय सेवा योजना, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो सत्रों में विविध कार्यक्रमों का…

किसान से संविधान तक: भारत के राष्ट्र-निर्माण पर सांप्रदायिक हिंसा की छाया

भारत का राष्ट्र-निर्माण विमर्श बनाम सामाजिक यथार्थ:- किसान,सांप्रदायिक हिंसा और लोकतांत्रिक परीक्षा भूमिका:- एक समग्र विश्लेषण गोंदिया – 14 जनवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित पोंगल महोत्सव के मंच से…

पश्चिम बंगाल से उठता सवाल: क्या सत्ता कानून से ऊपर हो सकती है?

नवनीत मिश्र पश्चिम बंगाल की घटना केवल एक क्षणिक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं और संस्थागत संतुलन पर गहराते संकट की ओर संकेत करती है। जब कोई केंद्रीय एजेंसी…