
वोटर कार्ड बनवाने में न करें ये गलती! एक ही आवेदन बार-बार भरने से बढ़ सकती है परेशानी, जानें निर्वाचन आयोग की जरूरी सलाह
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने, वोटर कार्ड बनवाने या मतदाता विवरण में संशोधन कराने की तैयारी कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। आवेदन करने के बाद मोबाइल पर संदर्भ संख्या (रेफरेंस नंबर) का संदेश नहीं आया, तो घबराकर दोबारा फॉर्म भरने की गलती न करें। ऐसा करने से मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के नाम की कई प्रविष्टियां दर्ज होने की समस्या पैदा हो सकती है। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जन सुविधा केंद्र (CSC) संचालकों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं।
आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग मतदाता सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में 2 नवंबर को भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक भी आयोजित हुई। वहीं, मतदाता सूची से संबंधित आवेदनों में होने वाली गलतियों को रोकने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
फॉर्म-6 भरते समय इन बातों का रखें ध्यान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, पहली बार मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भरते समय आवेदक का सही और सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करना बेहद जरूरी है। जन सुविधा केंद्र संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे आवेदक के मोबाइल नंबर की जगह अपना नंबर या कोई गलत नंबर दर्ज न करें।
फॉर्म-6 का अंतिम सबमिशन ई-साइन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होता है। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करके ई-साइन पूरा किया जाता है। इसके बाद आवेदन जमा होने की पुष्टि के साथ संदर्भ संख्या जनरेट होती है। यही नंबर आगे आवेदन की स्थिति जानने में काम आता है।
कई बार नेटवर्क की समस्या के कारण मोबाइल पर संदेश नहीं पहुंचता, जबकि आवेदन सफलतापूर्वक जमा हो चुका होता है। ऐसी स्थिति में स्क्रीन पर प्रदर्शित संदर्भ संख्या को नोट कर लेना या उसका स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखना चाहिए। CSC संचालकों को भी यह नंबर आवेदक के साथ साझा करना चाहिए, ताकि दोबारा आवेदन करने की नौबत न आए।
गलत पते और पिन कोड से अटक सकता है वोटर कार्ड
सिर्फ आवेदन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें दर्ज जानकारी भी सही होनी चाहिए। निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) डाक विभाग के माध्यम से स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है। यदि आवेदन में पता अधूरा है या पिन कोड गलत है, तो पहचान पत्र की डिलीवरी प्रभावित हो सकती है और डाक वापस लौट सकती है।
इसलिए फॉर्म भरते समय मकान संख्या, गांव या मोहल्ला, पोस्ट ऑफिस, तहसील, जिला और सही पिन कोड सहित पूरा पता दर्ज करें। इससे पहचान पत्र सही स्थान पर पहुंचने में मदद मिलेगी।
मोबाइल नंबर से मिलेंगी आवेदन की जरूरी अपडेट
सही मोबाइल नंबर दर्ज कराने से आवेदन की प्राप्ति, संदर्भ संख्या, सत्यापन और अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत से जुड़ी सूचनाएं प्राप्त करने में सुविधा होती है। इसके अलावा, पंजीकृत मोबाइल नंबर की सहायता से e-EPIC डाउनलोड करने और मतदाता सेवाओं के पोर्टल voters.eci.gov.in या ECINET मोबाइल ऐप पर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेने में भी मदद मिल सकती है।
यदि आवेदक के पास अपना मोबाइल नंबर नहीं है, तो उसकी सहमति से परिवार के किसी सदस्य का सक्रिय मोबाइल नंबर दिया जा सकता है।
फॉर्म-6, 7 और 8 भरने वालों के लिए भी जरूरी सलाह
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने या संबंधित आपत्ति के लिए फॉर्म-7 तथा मतदाता विवरण में सुधार, पता बदलने और अन्य निर्धारित बदलावों के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जाता है। ऑफलाइन आवेदन जमा करते समय भी सही मोबाइल नंबर देना उपयोगी है, ताकि संबंधित अधिकारी जरूरत पड़ने पर आवेदक से संपर्क कर सकें।
जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) यह सुनिश्चित करें कि किसी आवेदक के नाम की अनावश्यक बहुप्रविष्टियां न बनें। इसके लिए मीडिया, सोशल मीडिया और प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से भी जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
मतदाताओं के लिए सीधा संदेश: आवेदन जमा करने के बाद संदर्भ संख्या सुरक्षित रखें, मोबाइल पर संदेश न आने पर तुरंत दोबारा फॉर्म न भरें और पता व पिन कोड की जांच जरूर करें। छोटी-सी सावधानी आपको अनावश्यक परेशानी से बचा सकती है।
