CJP ने दी आंदोलन की चेतावनी

चुनाव आयोग पर CJP का बड़ा हमला, CEC के इस्तीफे समेत रखीं तीन मांगें

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत के चुनाव आयोग को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत तीन मांगें उठाई हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त 48 घंटे के भीतर इस्तीफा दें। इसके अलावा संगठन ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को तत्काल रोकने और आगामी चुनावों पर भी रोक लगाने की मांग की।
दिपके ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के बहुमत से पीछे रहने के बाद क्षेत्रीय राजनीतिक दलों और नेताओं की भूमिका को कमजोर करने की कोशिशें हुईं। उन्होंने महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के प्रमुख नेताओं का उल्लेख करते हुए चुनावी प्रक्रिया में कथित तौर पर वोट हटाए जाने के आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र से करीब 50 हजार, एमके स्टालिन के निर्वाचन क्षेत्र से करीब एक लाख और दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के निर्वाचन क्षेत्र से लगभग 40 हजार वोट हटाए गए। हालांकि, इन दावों के संबंध में चुनाव आयोग या संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान में प्रस्तुत नहीं की गई।
CJP संस्थापक ने कहा कि संगठन का किसी विपक्षी दल के प्रति विशेष झुकाव नहीं है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में मजबूत विपक्ष का अस्तित्व जरूरी है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि विपक्ष को कमजोर करने की स्थिति बनती है तो लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
अब CJP की मांगों और लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।