Tag: लोकतंत्र

अदालत के आदेश पर बुलडोजर, जवाब में पत्थर-यह विरोध नहीं, खुली बगावत है

तुर्कमान गेट की घटना कोई अचानक उभरा गुस्सा नहीं, बल्कि कानून और संविधान को ठेंगा दिखाने की सोची-समझी मानसिकता का आईना है। अदालत के आदेश से जब अवैध निर्माण हटाया…

लोकतंत्र के साहसी प्रहरी राज नारायण: सत्ता के सामने सत्य और साहस के प्रतीक

पुनीत मिश्र राज नारायण भारतीय राजनीति के उन विरले नेताओं में थे, जिनके लिए सत्ता साध्य नहीं, बल्कि जनता की सेवा का माध्यम थी। उनका जन्म 17 नवंबर 1917 को…

बांग्लादेश में हिन्दुओं पर लगातार हमले: लोकतंत्र और मानवाधिकारों की अग्निपरीक्षा

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय पर हो रहे लगातार हमले केवल एक देश की आंतरिक समस्या नहीं हैं, बल्कि यह पूरे दक्षिण एशिया में लोकतांत्रिक मूल्यों, धार्मिक सहिष्णुता और मानवाधिकारों…

मतदान से लोकतंत्र सशक्त, उदासीनता से कमजोर होती जनशक्ति

लेखक – कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। लोकतंत्र में मतदान केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि वह सबसे सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए जनता अपने भविष्य की दिशा तय…

भावनाओं, संघर्ष और परिवर्तन की गूंज: 16 दिसंबर का इतिहास जो मानवता को झकझोर देता है

इतिहास केवल बीती तारीखों का संकलन नहीं होता, बल्कि वह मानव सभ्यता की चेतना, संघर्ष, उपलब्धियों और त्रासदियों का जीवंत दस्तावेज़ होता है। 16 दिसंबर का इतिहास ऐसा ही एक…

संविलियन विद्यालय गढ़िया रंगीन में मतदाता सूची का गहन सत्यापन, ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गढ़िया रंगीन कस्बे में स्थित संविलियन विद्यालय में उपजिलाधिकारी कलान की अध्यक्षता में ग्रामवासियों के साथ बैठक आयोजित कर बूथ संख्या 192, 193, 194 और 195…

भारत के लोकतंत्र में पुराने चेहरों का दबदबा क्यों? क्या नए नेतृत्व को नहीं मिलना चाहिए समान अवसर?

लेखक: चंद्रकांत सी. पूजारी, गुजरात भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन यहाँ बार-बार एक ही चेहरों और पुराने नेताओं का सत्ता में लौटना एक गंभीर बहस का मुद्दा…