नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023: सशक्तिकरण या प्रॉक्सी राजनीति का नया खतरा?
नारी शक्ति कानून पर सवाल: क्या बढ़ेगा प्रॉक्सी कंट्रोल? विशेष संसद सत्र (16-18 अप्रैल 2026) के संदर्भ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र…
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नारी शक्ति कानून पर सवाल: क्या बढ़ेगा प्रॉक्सी कंट्रोल? विशेष संसद सत्र (16-18 अप्रैल 2026) के संदर्भ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र…
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023: क्या बढ़ेगा वास्तविक नेतृत्व या सिर्फ़ संख्या? प्रॉक्सी राजनीति पर सख़्त कानून की ज़रूरत गोंदिया। भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सशक्त बनाने के…
केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान, लोकतंत्र के पर्व में दिखा जबरदस्त उत्साह नईदिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)देश के तीन महत्वपूर्ण राज्यों—केरल, असम और पुडुचेरी—की सभी विधानसभा सीटों पर…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल इंटर कॉलेज महराजगंज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा नेहरू नगर पिपरदेउरा में आयोजित सप्तदिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन मतदाता जागरूकता अभियान के…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय सेवा योजना, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो सत्रों में विविध कार्यक्रमों का…
भारत का राष्ट्र-निर्माण विमर्श बनाम सामाजिक यथार्थ:- किसान,सांप्रदायिक हिंसा और लोकतांत्रिक परीक्षा भूमिका:- एक समग्र विश्लेषण गोंदिया – 14 जनवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित पोंगल महोत्सव के मंच से…
नवनीत मिश्र पश्चिम बंगाल की घटना केवल एक क्षणिक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं और संस्थागत संतुलन पर गहराते संकट की ओर संकेत करती है। जब कोई केंद्रीय एजेंसी…
तुर्कमान गेट की घटना कोई अचानक उभरा गुस्सा नहीं, बल्कि कानून और संविधान को ठेंगा दिखाने की सोची-समझी मानसिकता का आईना है। अदालत के आदेश से जब अवैध निर्माण हटाया…
पुनीत मिश्र राज नारायण भारतीय राजनीति के उन विरले नेताओं में थे, जिनके लिए सत्ता साध्य नहीं, बल्कि जनता की सेवा का माध्यम थी। उनका जन्म 17 नवंबर 1917 को…
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय पर हो रहे लगातार हमले केवल एक देश की आंतरिक समस्या नहीं हैं, बल्कि यह पूरे दक्षिण एशिया में लोकतांत्रिक मूल्यों, धार्मिक सहिष्णुता और मानवाधिकारों…
लेखक – कैलाश सिंह महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। लोकतंत्र में मतदान केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि वह सबसे सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए जनता अपने भविष्य की दिशा तय…
इतिहास केवल बीती तारीखों का संकलन नहीं होता, बल्कि वह मानव सभ्यता की चेतना, संघर्ष, उपलब्धियों और त्रासदियों का जीवंत दस्तावेज़ होता है। 16 दिसंबर का इतिहास ऐसा ही एक…
शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। गढ़िया रंगीन कस्बे में स्थित संविलियन विद्यालय में उपजिलाधिकारी कलान की अध्यक्षता में ग्रामवासियों के साथ बैठक आयोजित कर बूथ संख्या 192, 193, 194 और 195…
लेखक: चंद्रकांत सी. पूजारी, गुजरात भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन यहाँ बार-बार एक ही चेहरों और पुराने नेताओं का सत्ता में लौटना एक गंभीर बहस का मुद्दा…