लार (देवरिया), राष्ट्र की परम्परा।
देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के नेमा गांव में शनिवार की सुबह एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शुक्रवार की शाम घर से निकले एक बुजुर्ग और उनके साथ गए दो मासूम बच्चे अचानक लापता हो गए। परिजनों ने रातभर उनकी तलाश की, लेकिन शनिवार सुबह तीनों के शव गांव के तालाब से बरामद हुए। एक साथ तीन लोगों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम छा गया।
मृतकों में 55 वर्षीय पीतांबर चौहान, उनका छह वर्षीय पोता शिवांश और सात वर्षीय नाती दिव्यांश शामिल हैं। घटना के बाद गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
शाम को घर से निकले, फिर नहीं लौटे
मिली जानकारी के अनुसार, नेमा गांव निवासी पीतांबर चौहान (55) पुत्र रामपति चौहान शुक्रवार की शाम अपने पोते शिवांश (6) पुत्र कुल भास्कर उर्फ पिंटू और नाती दिव्यांश (7) पुत्र दारा सिंह चौहान, निवासी मधुबन, जनपद मऊ के साथ घर से निकले थे। शाम बीतने के बाद भी जब तीनों वापस नहीं लौटे तो परिवार के लोगों की चिंता बढ़ने लगी।
पहले परिजनों ने अपने स्तर से उनकी तलाश शुरू की। देर तक कोई सुराग नहीं मिलने पर अनहोनी की आशंका गहराने लगी। परिवार के लोग रातभर उनकी खोजबीन में जुटे रहे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि सुबह इतनी दुखद खबर सामने आएगी।
सुबह तालाब में मिले तीनों के शव
शनिवार की सुबह तलाश के दौरान गांव के तालाब से तीनों के शव बरामद किए गए। एक साथ तीन शव मिलने की खबर फैलते ही नेमा गांव में अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया। जिन बच्चों की सकुशल वापसी की उम्मीद में परिजन रातभर परेशान रहे, उनकी मौत की खबर ने परिवार को तोड़कर रख दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई। तालाब से डेंगी नाव के जरिए बच्चों का खिलौना भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, तीनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है।
कैसे हुई तीनों की मौत? जांच के बाद खुलेगा राज
इस हृदयविदारक घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन मौत की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद ही चल सकेगा।
एक बुजुर्ग और दो मासूम बच्चों की एक साथ मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर शुक्रवार की शाम घर से निकलने के बाद तीनों तालाब तक कैसे पहुंचे? हादसा किन परिस्थितियों में हुआ? इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी है।
फिलहाल नेमा गांव में शोक की लहर है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांववासी इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध हैं। तीन जिंदगियों के यूं एक साथ खत्म होने से पूरे क्षेत्र में गम का माहौल बना हुआ है।