
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के बैंकों के ऋण जमा अनुपात (सीडी रेशियो), वार्षिक ऋण योजना 2026-27 की प्रगति तथा केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की बैंकवार समीक्षा की गई।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने बैंकों की ऋण वितरण स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि जनपद में ऋण वितरण की गति बढ़ाई जाए और सभी पात्र लाभार्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने वार्षिक ऋण योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि बैंक अपनी कार्ययोजना के अनुरूप प्रभावी ढंग से कार्य करें।सीडीओ ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, पीएम स्वनिधि योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, किसान क्रेडिट कार्ड, माटी कला योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की प्रगति की समीक्षा की।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र आवेदकों की ऋण पत्रावलियों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। बैंक अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। बैठक में सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के तहत गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) की स्थिति की भी समीक्षा की गई।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के बैंक क्रेडिट लिंकेज तथा किसान क्रेडिट कार्ड योजना की प्रगति पर चर्चा करते हुए कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अधिक से अधिक पात्र लोगों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। इसके अलावा वित्तीय समावेशन के तहत प्रधानमंत्री जन सुरक्षा योजनाओं, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के लंबित आवेदनों तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की स्थिति की जानकारी ली गई।मुख्य विकास अधिकारी ने बैंक प्रतिनिधियों से शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने और ऋण वितरण में अनावश्यक देरी से बचने की अपेक्षा की। बैठक में अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
