Category: संपादकीय

पुराण: भारतीय ज्ञान-संस्कृति का शाश्वत आधार

● नवनीत मिश्र भारतीय ज्ञान–परंपरा का यदि कोई ऐसा साहित्यिक आधार है जिसने सहस्राब्दियों तक हमारी संस्कृति, सोच, आस्था और सामाजिक जीवन को जीवित रखा है, तो वह है, पुराण।…

संविधान दिवस: लोकतांत्रिक मर्यादाओं को फिर से याद करने का दिन

भारत का संविधान मात्र एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि इस राष्ट्र की आत्मा, आकांक्षाओं और सामूहिक चेतना का जीवंत घोषणापत्र है। 26 नवंबर का दिन हमें सिर्फ संविधान के अंगीकार…

वेद: मानव सभ्यता का शाश्वत प्रकाश

✒️नवनीत मिश्र वेद भारतीय ज्ञान परंपरा की वह प्रथम ज्योति हैं, जिनसे मानव सभ्यता ने अपने विकास का मार्ग पहचाना। वेदों को केवल धार्मिक ग्रंथ मानना उनकी महत्ता को सीमित…

प्रकृति के मौन संदेशों को सुनने वाले वैज्ञानिक: डॉक्टर जगदीश चंद्र बोस

● पुनीत मिश्र विज्ञान के विशाल परिदृश्य में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो केवल प्रयोगशाला की दीवारों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि अपनी दृष्टि को प्रकृति, जीवन और मानवता…

“बिहार की नई सत्ता: नीतीश सरकार से उम्मीदें, चुनौतियाँ और राजनीतिक दबाव का संतुलन”

बिहार में एक बार फिर सत्ता का समीकरण बदल चुका है और जनादेश की व्याख्या का केंद्रबिंदु बनकर उभरे हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। वर्षों से बिहार की राजनीति में ‘सुशासन’…

मैं अपनी झाँसी नहीं दूँगी…: रानी लक्ष्मीबाई

मनु से रानी लक्ष्मीबाई तक की अदम्य साहस की अमर गाथा प्रस्तुत कर रहे हैं पुनीत मिश्र भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कई वीरांगनाओं ने अपने साहस, नेतृत्व और अदम्य…

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी: संकल्प, साहस और नेतृत्व की अद्वितीय प्रतीक

भारत के राजनीतिक इतिहास में इंदिरा गांधी वह नाम है जिसने अपने दृढ़ संकल्प, तेज निर्णय क्षमता और अदम्य नेतृत्व से देश की दिशा को निर्णायक रूप से प्रभावित किया।…

परम वीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह : 1962 के रण में अमर शौर्य का प्रतीक

—नवनीत मिश्र भारत के सैन्य इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनका स्मरण मात्र ही साहस, समर्पण और मातृभूमि के प्रति अदम्य निष्ठा का भाव जगाता है। उन अमर योद्धाओं…

सरदार भगत सिंह के साथ अंग्रेज़ी सत्ता को चुनौती देने वाले अमर क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त

पुनीत मिश्र भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास में कई ऐसे वीर क्रांतिकारी हुए, जिनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होते हुए भी अपेक्षाकृत कम चर्चा में रहा। ऐसे ही महान राष्ट्रभक्त,…

अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस: युवाओं की ऊर्जा और आकांक्षाओं का उत्सव

पुनीत मिश्र हर वर्ष 17 नवंबर को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस युवाओं की प्रतिभा, जिज्ञासा और संघर्षशीलता को सलाम करने का अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता…

पंजाब केसरी लाला लाजपत राय: राष्ट्रवाद की प्रचंड ज्वाला और जन–जागरण के अमर नायक

भारत के स्वाधीनता इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं, जिनकी विचार–दीप्ति और त्याग–साधना ने पूरे राष्ट्र के मन में स्वतंत्रता की लौ प्रज्वलित की। लाला लाजपत राय, जिन्हें पूरा देश…

14 नवंबर 1962: जब संसद ने चीन से हर इंच भूमि वापस लाने की प्रतिज्ञा ली

• नवनीत मिश्र भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में कुछ तिथियाँ केवल घटनाओं की याद नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान और एकता के प्रतीक के रूप में दर्ज होती हैं। 14 नवंबर…

14 साल बाद फिर हिली दिल्ली, डर और सुरक्षा के बीच सवालों का विस्फोट

दिल्ली, देश की राजधानी, सत्ता का केंद्र और विविधता का प्रतीक। लेकिन जब इसी शहर में 14 साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से बम विस्फोट की गूंज सुनाई…

वन्दे मातरम्: राष्ट्रभावना का अमर जयघोष

150 वर्षों की प्रेरक यात्रा- मातृभूमि से राष्ट्रीय चेतना तक • नवनीत मिश्र भारत की स्वतंत्रता संग्राम यात्रा में “वन्दे मातरम्” वह अमर मंत्र है, जिसने समस्त देशवासियों के हृदय…

वादों का मेला, हकीकत से मुँह मोड़ती सियासत

✍️ नवनीत मिश्रबिहार में विधानसभा चुनावों दिन प्रतिदिन राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। पटना से लेकर गाँव-गाँव तक सियासी हलचल तेज़ है, मंचों पर भाषणों की गूंज है, और जनता…