Category: संपादकीय

दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व की प्रतीक श्रीमती इंदिरा गांधी

भारत के राजनीतिक इतिहास में इंदिरा गांधी का नाम एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में अंकित है, जिन्होंने अपने दृढ़ निश्चय, राजनीतिक सूझबूझ और अडिग नेतृत्व से देश को निर्णायक…

तनाव प्रबंधन पर व्याख्यान में दिया गया विद्यार्थियों को मानसिक रूप से सशक्त बनने का संदेश

बिछुआ/मध्य प्रदेश(राष्ट्र की परम्परा) l वीर अमर शहीद स्वर्गीय श्रीकबीर दास उईके शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अंतर्गत “ तनाव प्रबंधन ” विषयक व्याख्यान प्राचार्य…

महागठबंधन का प्रण पत्र: वादों की बौछार या जनता के मुद्दों का समाधान?

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच महागठबंधन ने अपना प्रण पत्र जारी कर सियासी माहौल में नई हलचल पैदा कर दी है। यह दस्तावेज़ केवल चुनावी औपचारिकता नहीं, बल्कि विकास, सामाजिक…

तेजस्वी के उभार के पीछे उम्मीद से ज़्यादा विवशता

बिहार की राजनीति हमेशा से गठबंधनों, जातीय समीकरणों और भावनात्मक मुद्दों की प्रयोगशाला रही है। आज जब एक बार फिर राज्य की सियासत तेजस्वी यादव के नेतृत्व के इर्द-गिर्द घूम…

“जाति बनाम विकास: बिहार के मतदाताओं के मन में क्या चल रहा है?”

बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। एक ऐसा राज्य जिसकी राजनीति केवल सत्ता की कुर्सी का खेल नहीं, बल्कि समाज के हर तबके की भावनाओं का संगम है। विधानसभा चुनाव 2025…

राजनीति में संगठन की आत्मा और राष्ट्रनिष्ठा की दृढ़ आवाज़ हैं अमित शाह

विशेष संपादकीयराष्ट्र के प्रहरी : गृह मंत्री अमित शाह के जन्मदिन पर विशेष आज भारत के गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह जी का जन्मदिन…

सुरक्षित और स्वच्छ दीपावली: खुशियों की रोशनी में जिम्मेदारी का उजाला

दीपावली — यह शब्द सुनते ही आँखों के सामने जगमग रोशनी, खुशियों की चमक, मिठाइयों की खुशबू और अपनों की मुस्कान तैर जाती है। दीपावली न सिर्फ रोशनी का पर्व…

चीनी समानों का बहिष्कार कर मनाएँ स्वदेशी दिवाली

दीपावली केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह पर्व न केवल अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देता है, बल्कि हमारे जीवन…

भयमुक्त हो बालक : शिक्षा में बढ़ती हिंसा पर आत्ममंथन जरूरी

शिक्षा का मकसद केवल पढ़ाई-लिखाई तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहाँ बालक निडर होकर सोच सके, प्रश्न कर सके और अपने सपनों को आकार दे सके।…

राजमाता विजयाराजे सिंधिया: राष्ट्रनिष्ठा, त्याग और सेवा की अद्भुत प्रतीक

जयंती पर विशेष भारतीय राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो केवल सत्ता की परिभाषा नहीं बदलते, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की मिसाल बन जाते हैं।…

वादों का आकर्षण और सच्चाई का आईना

तेजस्वी यादव का यह ऐलान कि “बिहार के हर परिवार को एक सरकारी नौकरी दी जाएगी” राजनीतिक दृष्टि से भले ही उत्साह जगाने वाला लगे, लेकिन वास्तविकता के धरातल पर…

बिहार चुनाव: लोकतंत्र की असली परीक्षा शुरू

तिथियाँ तय हैं, पर दिशा तय करना है जनता को बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। नवंबर में दो चरणों में मतदान होगा और 14 नवंबर को…

✍️ संघ का शताब्दी वर्ष: डॉ. हेडगेवार के विचारों से शुरू हुई एक सदी की संगठन यात्रा

🚩 100 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। 1925 में विजयादशमी के दिन नागपुर में डॉ. केशव राव…

अस्पतालों की भीड़: मरीज की पीड़ा और स्वास्थ्य सेवा की चुनौती

भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र लगातार बदल रहा है, लेकिन आम जनता की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। चिकित्सक की अधिकता और निजी अस्पतालों में इलाज की ऊँची कीमतें…

“भारतीय परंपराएं और युवा शक्ति: विश्वगुरु बनने की राह”

भारतीय संस्कृति केवल परंपरा और रीति-रिवाजों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह हमारी आत्मा, पहचान और सभ्यता की जड़ है। हजारों वर्षों से यह संस्कृति सहिष्णुता, करुणा, सत्य, अहिंसा और…