Category: संपादकीय

“जाम में कैद शहर: विकास की रफ्तार या अव्यवस्था का जाल?”

शहर का नाम लेते ही भीड़-भाड़, हॉर्न का शोर और घंटों तक खिंचता जाम आंखों के सामने आ जाता है। अब केवल महानगर ही नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम वर्ग…

निर्माण क्षेत्र में बड़े ठेकदारों का दबदबा और छोटे ठेकेदारों की कठिनाई

निर्माण विभाग देश की अर्थव्यवस्था और विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सड़क, पुल, भवन और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में छोटे और बड़े ठेकेदारों की भूमिका दोनों ही…

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: विकास बनाम रोजगार, जनता किसके साथ?

बिहार में विधानसभा चुनाव का माहौल दिन-ब-दिन गरमाता जा रहा है। चुनावी बिगुल बजते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धड़ाधड़ ट्रेनों का उद्घाटन, एयरपोर्टों और सड़कों का शिलान्यास कर रहे हैं।…