मोदी के 25 वर्ष: जनविश्वास कायम, लेकिन बदल रहे सवाल
क्या देश में मोदी विरोधी लहर की शुरुआत हो चुकी है? आज चुनाव हों तो तस्वीर क्या कहती है? नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के…
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क्या देश में मोदी विरोधी लहर की शुरुआत हो चुकी है? आज चुनाव हों तो तस्वीर क्या कहती है? नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के…
यूपी 2027: 2024 के झटके से सबक, भाजपा के सामने संगठन, सहयोगी और समीकरण साधने की चुनौती संपादकीय | राष्ट्र की परम्परा उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव केवल सत्ता…
अमेरिका-ईरान सैन्य तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की नई रणनीति ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। यदि समुद्री आवाजाही पर वास्तविक प्रतिबंध लागू हुआ तो इसका असर तेल…
नव नियुक्त मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का नाम आज पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक प्रभावशाली और निर्णायक नेता के रूप में लिया जाता है। जमीनी राजनीति, संगठन क्षमता और आक्रामक…
हिंदी केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना की धुरी है। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर यह अनुभूति और गहरी हो जाती है कि हिंदी माँ…
तुर्कमान गेट की घटना कोई अचानक उभरा गुस्सा नहीं, बल्कि कानून और संविधान को ठेंगा दिखाने की सोची-समझी मानसिकता का आईना है। अदालत के आदेश से जब अवैध निर्माण हटाया…
दिल्ली में हुई योगी-मोदी मुलाक़ात को केवल औपचारिक शिष्टाचार के रूप में देखना इसके राजनीतिक निहितार्थों को सीमित कर देना होगा। तस्वीरों में दिखाई देती मुस्कान, चेहरे की सहज चमक…
डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय और उसके 355 संबद्ध महाविद्यालयों के सत्र 2025–26 के प्रवेश आँकड़े यह साबित करते हैं कि पूर्वांचल, गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर में उच्च शिक्षा अब सामाजिक परिवर्तन…
भारत और विश्व इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रहे हैं, जहाँ पुराने ढाँचे तेजी से बदल रही वास्तविकताओं से टकरा रहे हैं। यह केवल नए वर्ष का आरंभ…
नया साल आया है, तो फिर वही बातें शुरू हो गई हैं। संकल्प, वादे और बड़े-बड़े दावे। लेकिन गाँव, कस्बे और शहर की गली में खड़ा आदमी आज भी एक…
फोकस:नया साल, पुरानी व्यवस्थाटैग:संपादकीय नया साल व्यवस्था धोखे राजनीति समाज आत्ममंथन साल बदला है, सच नहीं। दीवार पर नया कैलेंडर टंग गया है, तारीखें चमक रही हैं, पर देश-समाज की…
आधुनिक युग के महान ऋषि और संत रमण महर्षि का सम्पूर्ण आध्यात्मिक चिंतन एक अत्यंत सूक्ष्म किंतु क्रांतिकारी सत्य पर केंद्रित है। ‘अहम्’ का लय और आत्मविचार द्वारा आत्मसाक्षात्कार। उन्होंने…
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय पर हो रहे लगातार हमले केवल एक देश की आंतरिक समस्या नहीं हैं, बल्कि यह पूरे दक्षिण एशिया में लोकतांत्रिक मूल्यों, धार्मिक सहिष्णुता और मानवाधिकारों…
भारतीय राजनीति में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनकी पहचान केवल पद से नहीं, बल्कि प्रभाव से होती है। अरुण जेटली ऐसे ही नेता थे। राजनीति, कानून और नीति निर्माण,…