मानवता के मूल में हैं नीति ग्रंथ: प्रो. मुरलीमनोहर पाठक
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शनिवार को संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग द्वारा “नीति ग्रन्थों की साम्प्रतिक उपादेयता” विषयक वैल्यू एडेड कोर्स का उद्घाटन सत्र संपन्न…