Category: कविता

संध्या बेला-जया मीना

दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा)बूढ़े सूरज बाबा ओझल हुए क्षितिज की ड्योढ़ी सेसंध्या सुंदरी उतरी नभ से तमस का काला जाल लिएसिंदूरी वदन पर एक गुलाबीमुस्कान लिएबालों में गूंथे तारक पुष्प रहस्यों…

शरद पूर्णिमा

चाँदनी नियंत्रण करती सब इंद्रियों पर,चंद्रमा जादूगर है आत्मा परमात्मा का,शरदपूर्णिमा क्वाँरमास आने वाली है,“को-जागरी” पूर्णिमा नाम है इसका। माता लक्ष्मी आज रात को भ्रमणहेतु यही देखने धरती पर आती…

निकलेगा परिणाम कल

आज तुम्हारे ढोल से, गूँज रहा आकाश !निकलेगा परिणाम कल, होगा पर्दाफाश !! जिनकी पहली सोच ही, लूट,नफ़ा श्रीमान !पाओगे क्या सोचिये, चुनकर उसे प्रधान !! नेता जी है आजकल,…

लेखकों की प्रोत्साहित के लिए अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कविता प्रतियोगिता का आयोजन, कविताएं आमंत्रित

लुंबिनी/ नेपाल(राष्ट्र की परम्परा)l देश विदेश की साहित्यिक प्रतिभाओं को सम्मानित कर प्रोत्साहित करने के लिए नेपाल में एक साथ चार प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। नेपाल की…

सम्बन्धों का निभाना

सम्बंध जितना पुराना होताहै मजबूत ही होता जाता है,जितना एक दूसरे की फ़िक्रहोती उतना ही सम्मान पाता है। लिखा थोड़ा, परंतु समझातो अधिक ही जाता है,मिलना हो पाये या नहीं,महसूस…

सबका मालिक एक है

ब्रह्माण्ड रचयिता ने अपने सृजन में,विश्व के कुछ देवदूतों को चुना होगा,विविधता से युक्त धर्मों व पंथों कापर्यटक अग्रदूत बनाकर भेजा होगा। उसके उद्देश्य विश्व के मानव जगत में,शान्ति व…

‘छोड़ो यार’

‘छोड़ो यार’ कितने सुंदर लफ़्ज़ हैं,इन लफ़्ज़ों का महत्व समझ ले जोजीवन में कभी न कोई दुःख होगा,और नही कभी कोई पछतावा होगा। किसी को एक दो बार मनाने कीकोशिश…

गाँव का सच: बस तीन कारण

गाँव की गलियाँ चुप हैं क्यों, ये सवाल मन में आया,देखा है वर्षों से मैंने, फिर कुछ बात समझ में आया।मुखिया के घर की ईंटें बढ़ीं, पर गलियाँ जस की…

आत्म संतोष

मंदिर प्रांगण में जेठ के पहले बड़ेमंगल का भंडारा हो रहा था,पंक्ति बद्ध होकर स्त्री, पुरुष,बच्चे, बुजुर्ग आते जा रहे थे। पूड़ी, सब्ज़ी, हलुआ पत्ते के दोनोमें श्रद्धा पूर्वक लेते…

दर्शनशास्त्र: युवाओं से दूर होती विरासत

मैं भारत की बात करूँ, जो मेरा गौरवशाली देश,दर्शन की परम्परा में, रहा अद्वितीय विशेष।ज्ञान-विज्ञान के जनक, दर्शन ने दिए हमें,राह दिखाई मानव को, अंधकार के क्षणों में। पर आज…

जीने की राह : जीने की कला

मुश्किलों का आना जीवनका एक पहलू कहलाता है,इनसे लड़कर बाहर आ जानाजीने की कला कहलाता है। लिप्सायें हमें जीने नहीं देतीं,पूरी होने को तरसाती हैं,हम लिप्साओं को मरने नहींदेते, उम्मीदें…

पत्थर में बीज पड़े, न उगता पेंड़

इच्छाएं वह अच्छी हैं जिनके लिएस्वाभिमान गिरवी नहीं रखना पड़ता है,मुश्किलों को अपनों के बीच रख दो,तभी तो कौन अपना है पता चलता है। इंसान के द्वारा गरीबी और करीबीदोनों…

हिंदी दिवस और राजभाषा हिंदी

अपनी प्यारी मातृभाषा हिंदी केआलिंगन से हम दूर चले आये हैं।इसके मूल रूप से बहकते हुये,अंग्रेज़ी के प्रभाव में भरमाये हैं । इतनी सुंदर देवनागरी लिपि कोछोड़, रोमन में लिखना…

कोविड : शिक्षा पर प्रभाव

मेरा भारत देश है गाँवों का,ऐसा पहले से माना जाता है,आधी से ज़्यादा आबादी कागाँवों में ही रहना सहना है। कोविड वाइरस से मची तबाही,बच्चों की शिक्षा रुकी पड़ी थी,लगभग…