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हामिद अंसारी के बयान पर योगी का पलटवार, बोले- सनातन परंपरा को अपमानित करने का प्रयास


ग्रेटर नोएडा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रविवार को ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित ‘प्रेरणा विमर्श’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अंसारी के बयान भारत की छवि और सनातन परंपरा को लेकर नकारात्मक धारणा बनाने का प्रयास हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराओं को किसी खतरे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने अंसारी के एक दिन पहले दिए गए बयान को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा कि उनके अनुसार इसमें सनातन और हिंदू परंपराओं के प्रति अनादर का भाव दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि सनातन परंपरा को आतंकवाद से जोड़ने का प्रयास दुर्भावनापूर्ण है।
‘भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करता है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से भी जुड़ी है। उन्होंने कहा कि देश के लोग ऋषि-मुनियों की परंपरा, पूर्वजों, देवी-देवताओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का भाव रखते हैं।
योगी ने कहा कि भारतीय सामाजिक परंपरा में महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों के सम्मान को विशेष महत्व दिया गया है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि रास्ते में कोई बुजुर्ग, महिला या दिव्यांग व्यक्ति सामने आ जाए तो भारतीय संस्कार उसे पहले रास्ता देने की सीख देते हैं।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने उनके कथित ‘झूठ की गूंज’ कार्यक्रम को महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए आलोचना की। योगी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग समाज में भ्रम और अराजकता पैदा करने की राजनीति कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय परंपरा में सामाजिक सद्भाव और सम्मान की भावना को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज को विभाजित करने के बजाय लोगों को अपनी जिम्मेदारियों और संस्कारों के प्रति सजग रहना चाहिए।
महिलाओं की भूमिका और सरकारी योजनाओं का जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक भागीदारी का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार की विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में तीन महिला पीएसी बटालियनों का नाम वीरांगनाओं झलकारी बाई, रानी अवंतीबाई लोधी और ऊदा देवी के नाम पर रखा गया है। हालिया कार्यक्रम की रिपोर्टों में भी इन तीन महिला योद्धाओं के नाम पर महिला पीएसी बटालियनों का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाए गए हैं। इसके साथ ही बैंकिंग सखी और दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया।
गरीब, किसान, महिला और युवा को बताया प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण का भी जिक्र किया, जिसमें गरीब, किसान, महिला और युवा को देश की प्रमुख प्राथमिकता वाले वर्गों के रूप में रेखांकित किया जाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार इन वर्गों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से काम कर रही हैं।
‘प्रेरणा विमर्श’ कार्यक्रम का मुख्य विषय महिला सम्मान और युवा स्वाभिमान रहा। कार्यक्रम में योगी ने भारतीय इतिहास और सामाजिक परंपराओं में महिलाओं के योगदान को भी रेखांकित किया।