
ईरान में ‘कोड 100’ अलर्ट की खबर से बढ़ा तनाव, रियाद पर हूती हमले के बाद पश्चिम एशिया में हलचल
तेहरान/रियाद (राष्ट्र की परम्परा)। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान में कथित तौर पर “कोड 100” अलर्ट सक्रिय किए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इस अलर्ट के तहत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), नियमित सेना और सुरक्षा बलों को बेहद उच्च स्तर की सैन्य तैयारी में रखा गया है। हालांकि, इस कोड के सटीक अर्थ और इसकी आधिकारिक पुष्टि ईरानी सरकारी माध्यमों से अभी सामने नहीं आई है।
इस घटनाक्रम के बीच यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की राजधानी रियाद को निशाना बनाए जाने से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। 19 सितंबर को हूतियों ने रियाद में संवेदनशील ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया था। सऊदी अधिकारियों ने राजधानी की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने तथा अन्य हमलों को विफल करने की जानकारी दी। रियाद के मुख्य हवाई अड्डे के आसपास आग और धुएं का गुबार भी दिखाई दिया था।
इन घटनाओं के बाद अमेरिका ने पश्चिम एशिया में मौजूद अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी चेतावनी जारी की। अमेरिकी चेतावनी में अचानक तनाव बढ़ने, उड़ानें रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में व्यवधान जैसी परिस्थितियों के लिए सतर्क रहने को कहा गया।
इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैंप डेविड में अपना प्रवास निर्धारित समय से पहले समाप्त कर व्हाइट हाउस वापसी की। उनकी वापसी का कोई विस्तृत आधिकारिक कारण तत्काल सार्वजनिक नहीं किया गया, हालांकि यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुआ।
रियाद पर हुए हमलों और यमन में हूती गतिविधियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। हूती बलों की बाब-अल-मंदेब क्षेत्र की ओर बढ़त और लाल सागर के आसपास बढ़ते सैन्य तनाव को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल “कोड 100” को लेकर सामने आ रही जानकारियों में आधिकारिक पुष्टि का अभाव है। ऐसे में इसे ईरान की ओर से आसन्न बड़े युद्ध की निश्चित घोषणा मानने के बजाय क्षेत्र में बढ़ी सैन्य सतर्कता से जुड़ी अपुष्ट रिपोर्ट के रूप में देखना अधिक उचित होगा।
