Category: कविता

क़र्म योग एवं आत्म-दर्शन

छिति, जल, पावक, गगन, समीर,पाँच तत्व मिल बना अग़म शरीर,सत, रज, तम गुण मानव तन के,मन रहता इनसे ही अति अधीर । गीता ज्ञान यही देता है, क़र्म योगकर देता…

अनपढ़ व पढ़ी लिखी पीढ़ी

क्या वह पीढ़ी ही अनपढ़ थी याहम पढ़ लिख कर भी अनपढ़ हैं,एबीसीडी क्या पढ़ ली, उनकीआस्था को कहते हम बुढ़बक हैं। वह पढ़े लिखे तो कम होंगे,पर छाया देख…

हम रिटायर्ड हैं, टायर्ड नहीं

भाई देखो “लातों के भूत,बातों से नही मानते”,यह एक कहावत सुनतेआये हैं हम बचपन से। द्वापर में जब काम न चलता था,तीरों और कमानों से,विजय वहाँ होती थी नटवर की,उनकी…

हम हमारे जीवन मूल्य एवं हमारा ” मैं ” ।

मैं क्या हूं यह मैं जानता हूं ।रहूं महलों में तनिक चाह नहीं हम में हैं।।रहूं पड़ा चाहे सड़कों परया रहूं गली कूचों में तनिक फर्क नही हम में हैं…

दुनियादारी नहीं आती

अनुभव यही है कि जो व्यक्ति दूसरोंको सहारा देता है, उसे अपने स्वयंके लिए सहारा माँगना नहीं पड़ता है,उसे परमात्मा स्वतः सहारा देता है। किसी प्यासे को पानी पिलाने का,किसी…

साहित्य समालोचना

मेरी रचना कितनी प्रिय हैमित्रों को कैसी लगती हैं,समालोचना खुलके करिये,आदित्य को अच्छी लगती है। कहा किसी ने खाद, सिंचाई,विधिवत खेती में रुचि लीजे,बंज़र भूमि भी बने उपजाऊ,फसल मिले मेहनत…

स्त्री सुरक्षा एवं अपराधी

झारखण्ड व हरियाणा में महिलापुलिस की खबर है किअराजक तत्वों ने चेकिंग केदौरान हत्या कर डाली,समाचारों में स्त्रियों व छोटीछोटी बच्चियों के प्रतिआपराधिक घटनाओं से कोईदिन नहीं जाता है ख़ाली।…

मुस्कुराना

आशा की ज्योति जलाये रखने सेनिराशा और अंधकार मिट जाते हैं,प्रयास व अभ्यास निरंतर करने से,सफलता व ख़ुशी दोनो मिल जाते हैं। इंसान के जीवन में धैर्य व साहस,उसे सब…

आत्म- निर्भरता

लाख टके की बात कहूँगा,मैं बिलकुल बेबाक़ कहूँगा,कोई किसी का नहीं है अपना,यह जीवन बस सुंदर सपना। मुट्ठी बंद आये धरती पर,मुट्ठी खोल के जाना होगा,रोते रोते जन्म लिया था,सबको…

तन मन निर्मल रख पाऊँ

हे मातु दया कर दे, वर दे, तनस्वस्थ सुखी रखिए रखिये।रोटी, कपड़ा, रहने को घर, वैभवसुख से भूषित रखिए रखिये। जीवन साथी का प्रेम मिला,संतानों से आदर- सद्भाव मिला।एहसान नहीं…

सांस्कृतिक पुनर्जागरण

वे हिंदू हिंदू करते रहते हैं,पर हिंदी लिखना भूल गये,गाँधी को भी गाली देते हैं,जो दुनिया के सम्मानित हैं। खादी का गुण गान तो करते हैं,पर सिंथेटिक का सूट पहनते…

घर में मेरा नाम नहीं

दिन का उजाला सपने देखने में बीता,रात का अँधेरा बेटे को सुलाने में बीता,पूरा जीवन उस को सजाने में बीता,जिस घर में मेरा नाम नहीं दिखता। बचपन जहाँ बीता वह…

सच्चाई कड़वी होती है

सच्चाई कड़वी होती है,सोच समझ कर लिखना होगा।बुरा न माने लोग कहीं,कदम फूंक कर रखना होगा। श्रीराम सरीखी मर्यादा में,रहकर भी, निंदा तो सहना होगा।राहें पथरीली हैं जग में,देख देख…

फिराक गोरखपुरी की जयंती के पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l नटराज संगीत सदन गोरखपुर के द्वारा उर्दू के सुप्रसिद्ध शायर फिराक गोरखपुरी की जयंती के पूर्व संध्या पर कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित हुआlकार्यक्रम की अध्यक्षता…