नव वंदना
वसन्त पंचमी है शाश्वत शुभ दिन,माँ सरस्वती श्वेतवस्त्र में ख़ुश हैं,पीली सरसों प्रफुल्लित उपवन में,शिशिर जगाता है, वसंत निद्रा में।रचना रचो माँ, आदित्य करते अर्चना,नवताल हों, नवछंद हों, नवल वंदना।…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
वसन्त पंचमी है शाश्वत शुभ दिन,माँ सरस्वती श्वेतवस्त्र में ख़ुश हैं,पीली सरसों प्रफुल्लित उपवन में,शिशिर जगाता है, वसंत निद्रा में।रचना रचो माँ, आदित्य करते अर्चना,नवताल हों, नवछंद हों, नवल वंदना।…
क्या देश के ग़रीबों में राष्ट्रभक्तिनहीं या उन्हें तिरंगे से प्यार नहीं है,बिलकुल है, गरीब का भी देश परवही हक़ है जितना अमीरों का है। देश पर शासन करने वाली…
स्वयं से मोह इतना भी न करें,कि मात्र अपने को देख पायें,औरों से घृणा भी इतनी न करें,कि अच्छाइयां भी देख न पायें। आदित्य जिम्मेदारियाँ भी सबकीअक्सर खूब परीक्षा लेती…
जब जब तिरंगा लहराएगासिर गर्व से उठ जायेगा,संघर्ष, बलिदान और समर्पण की गाथाहर घर में गाया जायेगा।संविधान की महिमा बढ़ेगीफैलेगी प्यार, समरसता और शांति,सशक्त बनेगा हर एक नागरिकगणतंत्रता की नई…
जिस गुण से आजीविका का निर्वाहहोता हो और जिसकी सभी एक स्वरसे प्रशंसा करते हों, स्वीकार करते हों,वह निश्चित ही एक सद्गुण ही होगा। उस गुण को हमें अपने स्वयं…
हमर मन के गली-खोर म हवय डेरा।माँगे बर आए हवन तुंहर घर छेरछेरा।। धान ह धरागे, पुस पुन्नी के दिन आगे।टूरी-टूरा मन सुआ अउ डंडा नाच नाचे।।हम लइका-पिचका मन घेरे…
——X—— छब्बीस जनवरी गणतंत्र दिवस है,भारत मना रहा खुब धूम धाम से,डंका बजा रहा भारत है दुनिया में,लहराता दिख रहा तिरंगा चाँद से। छब्बीस जनवरी सन् पचास कोपूर्ण स्वतंत्रता भारत…
हमारी व्यवहार कुशलता जीवनका वह दर्पण है, इसका जितनाअधिक सदुपयोग किया जाता है,जीवन का प्रकाश उतना ही बढ़ता है। किसी व्यक्ति का मूल्यांकन इससेतय नहीं होता कि वो क्या है,…
दैहिक, दैविक, भौतिक तापा,कलिकाल सबहिं कहुँ व्यापा। सत्य प्रसंग असत्य कहि देहीं,औरन कहँ अति मतिभ्रम देहीं। सज्जन साधु सन्त मत ऐहू,मष्ट करहु, इन सन् न सनेहू। राम राम श्री राममय…
आंखें खुलते ब्रह्ममुहूर्त में श्रीरामनिराकार ईश्वर के दर्शन हों जायें,दिन भर के लिये आभार अदा कर,सर्व मंगल की कामनायें की जायें। सबका दिन ख़ुशी भरा, मंगलमय हो,मेरी विनती है हे…
नाम कर्नल आदि शंकर मिश्र औकाम, सर्वहितकारी,बस एतना तुमजानि लेव, हमहूँ रहेन बैसवारे मां।भैया हमहूँ रहेन बैसवारे मां। पैदा हुये, पढ़े लिखे, खेले कूदे,हाट बाज़ार किये स्कूल कॉलेजकिये, सबै काम…
दरस को तरस रहे नैना,प्रभु आकर दर्शन दो ना,दरस को तरस…प्रभु आकर दर्शन दो ना । राह निहारें नित नित अँखियाँ,प्रभु दरबार पधारो ना,दरस को तरस….प्रभु आकर दर्शन दो ना।…
भगवान भास्कर सूर्य उत्तरायण में,माघ मकरगति का प्रारम्भ हो रहा, तीर्थराज प्रयाग, सारे तीर्थ एकत्र,पर माँ गंगा का जल मैला हो रहा। करोड़ों रुपये व्यय किये जा चुके,और करोड़ों व्यय…
पैसा और वक्त दोनों ही मूल्यवान हैं,जीवन में दोनों की बड़ी अहमियत है,दोनों में फ़र्क़ बस इतना होता है किहमारे पास पैसा कितना है हमें पता है। परंतु हमारे पास…
सुख दुःख का जिम्मेदार इंसान स्वयं होता है,सुर या असुर भाव मन में स्वतः छिपा होता है,बिचार ही हमे सज्जन और दुर्जन बनाते हैं,और हम इंसान से शैतान बन जाते…