लखनऊ में गैस बिल के नाम पर साइबर ठगी का नया जाल, एक महीने में करोड़ों की ठगी

,गैस बिल, मीटर अपडेट या कनेक्शन से जुड़ी जानकारी के नाम पर आने वाले फोन कॉल, SMS और WhatsApp मैसेज को लेकर उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। साइबर ठग अब ग्रीन गैस कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस के अनुसार, पिछले एक महीने में इस तरह की ठगी के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें करीब 5 करोड़ रुपये की रकम ठगे जाने की जानकारी है।
एडीसीपी क्राइम किरण यादव के मुताबिक, साइबर अपराधी खुद को ग्रीन गैस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उपभोक्ताओं से संपर्क करते हैं। ठग मीटर या बिल अपडेट नहीं होने, कनेक्शन बंद होने या अन्य तकनीकी समस्या का हवाला देकर भुगतान करने के लिए दबाव बनाते हैं। कई मामलों में ठगों के पास उपभोक्ताओं से संबंधित कुछ जानकारी पहले से होने के कारण उनका झांसा अधिक विश्वसनीय नजर आता है।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ग्रीन गैस के नाम से भेजे गए किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज पर बिना सत्यापन के क्लिक न करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड न करें और न ही किसी संदिग्ध एप को इंस्टॉल करें। भुगतान या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले कंपनी के अधिकृत माध्यमों से स्वयं पुष्टि करें।
ग्रीन गैस के अधिकृत संपर्क माध्यम
गैस कनेक्शन, बिल या मीटर से संबंधित जानकारी के लिए उपभोक्ता इन माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं:
कस्टमर केयर: 6390905003
ऐप: CGL Engage
ईमेल: customercare.lko@gglonline.net
आधिकारिक SMS हेडर: GGLPNG-S
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी अनजान मोबाइल नंबर से आए कॉल या मैसेज को केवल ग्रीन गैस कंपनी का नाम बताए जाने के आधार पर आधिकारिक न मानें।
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो मामले की जानकारी क्राइम ब्रांच ऑर्गेनाइज्ड क्राइम हेल्पलाइन 7839861034 पर दें। संदिग्ध APK फाइल या लिंक मिलने पर उसे दूसरे लोगों को फॉरवर्ड न करें, क्योंकि इससे अन्य लोग भी ठगी का शिकार हो सकते हैं।
RWA के साथ चलेगा जागरूकता अभियान
एडीसीपी क्राइम किरण यादव के अनुसार, ग्रीन गैस कंपनी के समन्वय से साइबर ठगी के इस तरीके के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। RWA के सहयोग से मैसेज, लाउडस्पीकर, पोस्टर और बैनर के माध्यम से लोगों को सावधान किया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य लोगों को ठगी के इस नए तरीके की जानकारी देकर उनके धन और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करना है।