औषधि समान मदद करना
केवल गोली, टेबलेट, कैप्सूल याइंजेक्शन ही औषधि नहीं होते हैं,रात में जल्दी सोना, ब्रह्ममुहूर्त मेंजल्दी उठना औषधि से होते हैं। रोज़ व्यायाम, ध्यान मनन करना,योग, प्राणायाम, उपवास करना,हँसना, हँसाना और…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
केवल गोली, टेबलेट, कैप्सूल याइंजेक्शन ही औषधि नहीं होते हैं,रात में जल्दी सोना, ब्रह्ममुहूर्त मेंजल्दी उठना औषधि से होते हैं। रोज़ व्यायाम, ध्यान मनन करना,योग, प्राणायाम, उपवास करना,हँसना, हँसाना और…
सबसे बेहतर रंग की तलाश में,काले, सफ़ेद कोट हमने पहना,जय होवे अधिवक्ता साहब की,जय होवे चिकित्सक साहब की। उसके जजबात की कोई कद्र नहीं,उस सैनिक को तो होता है मरना,जिसने…
सदा रखते हैं जो पवित्र विचार,अच्छी सोच उनकी हो लगातार,बुरे भाव दूर रखने का समाधान,सदा अमल में लायें सुसंस्कार। संस्कारों की परीक्षा होती बार बार,तभी ख़ुशियाँ मिलती हैं अपरम्पार,फ़ैसले लेता…
माता पिता बच्चे का तुतलानाभी कैसे पूरी तरह समझ लेते हैं,बच्चा माँगे तोतली बोली में जो,माता-पिता वह सब लाकर देते हैं। पिता गोद में ले, कंधे पर बैठाकरघुमाने बच्चों को…
यथार्थ बोध के बिना,यथार्थ ज्ञान नहीं मिले,यथार्थ ज्ञान के बिना,विनीत भाव नहीं मिले। विनीत भाव के बिना,प्रेम-प्रीति नहीं मिले,प्रेम- प्रीति के बिना,अपनत्व भी नहीं मिले। अपनत्व यदि नहीं मिले,जीवन में…
खामोशी से सभी काम होते हैं,किसान खेत में काम करते हैं,जैसे पेंड़ और पौधे छाया देते हैं,किसान हम सबको अनाज देते हैं। अन्नदाता माना जाता है किसान,निस्वार्थ परिश्रम करता है…
कविता की रचना जब कोई कविअपनी कल्पना में जाकर करता है,यदि पाठक रचना में गलती खोजे,समालोचना उसका हक़ होता है। बिना गलती के गलती खोजे यह,बिगड़ी आदत के कारण होता…
सच बोलना मूलभूत प्रकृति वसंवेदनशील सहज प्रवृत्ति है,झूठ सुनकर यदि हमें दुख होता है,ऐसे झूठ से ग़ैर को भी दुख होता है। जिस प्रकार झूठ सुनकर हमारीख़ुद की भावना आहत…
अंबर से धरती तक तीनों लोकों में,चमक रहे सूर्यदेव उनको प्रणाम है।जगत प्रकाशित जिनसे होता है,भुवन भास्कर तुमको प्रणाम है। सनातन धर्म में सूर्य व प्रकृति कोईश्वर का ही रूप…
हे भोलेनाथ कृपालु हरे,शिव शम्भू हे औढरदानी।दयालु हृदय हे करुणाकर,महादेव की अकथ कहानी॥ निमिषमात्र, नवनिधि दाता हैं,दयानिधि भोले हैं महा दानी।शशि शेखर जय त्रिशूलधर,जय प्रेमस्वरूप, गिराज्ञानी॥ महा अकिंचन जनमन रंजनशिव…
बड़े बड़े महलों को ढहते देखा है,उन महलों में रहने वालों को देखा है,भूखे प्यासे दर दर भटकते देखा है,उनकी संतान अनाथ होते देखा है। सुखदुःखदो न चान्योऽस्तियतः स्वकृतभुक्पुमान् ॥…
परंपरा व आस्था पर प्रहार,सरेआम आधुनिक भारत में,अपने ही लोगों के द्वारा देखा,वो रौंद गये एक लक्ष्मण रेखा। होली के पहले ही होली जैसे,मानस पृष्ट धूधू कर जला दिया,भारतीय सनातन…
वादा करो कि बेलन का उपयोगचपाती बनाने के लिये ही करोगी,वादा दिवस, पति देव की कहानीसुनिये कहानी, उनकी ही ज़ुबानी। प्रेम विवाह और उनकी ज़िंदगी,घर से भाग कोर्ट में कर…
वसन्त पंचमी की नवपूजा होगी,माँ सरस्वती तव अर्चना होगी,वीणावादिनि की आरती होगी,माँ शारदे श्वेतवस्त्रालंकृता होंगी। वीणा के तार सरगम झंकृत होंगे,मनमयूर झूमेंगे, आनंदित भी होंगे,पीतवसना सब धराधाम होगा,वन उपवन हरीतिमा…
अपनी माँ की ममता का सागरबेटी सबकी आँखों का तारा है,मैं बतलाऊँ कैसे हमने कितने,लाड़, प्यार, नाज़ों से पाला है। पाहुन बन तुम मेरे घर आए हो,सादर सत्कार तुम्हारा करता…