Category: कविता

लेकर आये, न लेकर जाएँगे

कौन हिसाब रखे किसको कितनामिला और किसने कितना बचाया,माया व शरीर दोनों आनी जानी हैं,इनको क्या कोई कभी बचा पाया। ईश्वर ने है आसान गणित लगाया,सबको खाली हाथ ही भेज…

शराब पीना हानिकारक है

जहाँ न पहुँचे रवि, वहाँ पहुँचे कवि,कवि तो सभी का होता है, पियक्कड़तो क्या कवि तो सारी कायनात परउत्तम कविता की रचना कर देता है। कहा कवि समाज को मेरा…

सब यहीं धरा रह जाता है

बचपन के दिन याद करूँ तो मनमें एक कसक पैदा हो जाती है,वे दिन भी क्या दिन होते थे जबकिंचित रात कभी न हो पाती थी। युवावस्था के वैभवशाली दिनभी…

“आदित्य” की दो कविताएं

तुम्हें भुला पाऊँ मुमकिन नहीं तुम्हारी अर्चना मुश्किल न थी,मगर पाना तुम्हें मुमकिन नहीं,मन में समाये हो इस तरह,भुला पाऊँ तुम्हें मुमकिन नहीं। रहता हूँ भक्ति भाव में बेहोश,अब तो…

अशोक वाटिका में हनुमान

मेरे राम को भजने वाले,क्यों न सामने आते हो।प्रभू मुद्रिका लाने वाले,तुम छिपके कहाँ बैठे हो।माता मैं बजरंगबली हूँ,प्रभू राम का सेवक हूँ,हनूमान है नाम हमारा,अशोक वाटिका में आया हूँ।श्रीराम…

इंसान और ईश्वर

ईश्वर से प्रेम व उसका आशीर्वादबहुत बड़ी अद्भुत दौलत होते हैं,ये जिसको मिलते हैं वही सबसेअधिक अमीर और भाग्यशाली है। ईश्वर की प्रेरणा से प्रेरणा मिलती है,जिसके हृदय में ईश्वर…

जयहिन्द कर्नल साहब

मन के हारे हार है,मन के जीते जीत,कहे कबीर हरि पाइए,मन ही की परतीत। जब एक चिकित्सक मुस्कुरा करमरीज़ को अपना स्नेह दिखा कर,उसकी बीमारी का उपचार करता है,रोगी का…

हवा का रुख

जीवन का तिमिर मिटाना है तो,स्वयं का ही दीप जलाना होगा,जलती मोमबत्ती कब बुझ जाये,हवा के रुख़ को पहचानना होगा। मोमबत्ती की क्षणिक रोशनी से,जिंदगी रोशन कहाँ हुआ करती है,अपने…

मां की ममता

मां प्यार बिना है सूनासारा यह संसार..!मां के आंचल में है सिमटास्नेह-प्यार-मनुहार..!! दुनियां में सब कुछ मिलता हैजो भी लिखा है किस्मत में, मां का प्यार खरीद न सकताकोई किसी…

भ्रम पाल बैठे हैं

न कहीं ख़ुशी बिक रही है,न रंजोगम ही बिक रहा है,व्यर्थ में हम भ्रम पाल बैठे हैं,कि शायद मरहम लग रहा है। इच्छाओं में बंधे फँसे पक्षियोंकी तरह ऊँचे से…

प्रकृति की सुंदरता : एक सोच

गर्दन को झुकाकर मोबाइल में यदिअजनबी रिश्तों से हम जुड़ सकते हैं,हकीकत के रिश्तों में गर्दन झुकाकरएक दूसरे को भी हम समझ सकते हैं। सर झुका ट्विटर ट्विटर कर सकते…

ख़ुद ही मुद्दई

ख़ुद ही मुद्दई, ख़ुद ही मुद्दालय,ख़ुद ही पुलिस ख़ुद न्यायालय,ख़ुद ही गवाह ख़ुद ही पैरोकारी,ख़ुद वकील ख़ुद जाँच अधिकारी। जहाँ तक वह देख सकते हैं,वहाँ तक सब उनके आधीन,न कोई…

नो लाइफ…

आज कल अमर्यादित टिप्पणीकरने में हम बहुत तेज़ हो गये हैं,सारी मर्यादा जाने या अनजाने,ईर्ष्यावश हम सभी भूल गये हैं। सच है कि वाइफ इज लाइफ,नो लाइफ विद आउट वाइफ,व्हेन…

रोटी

रोटी की है महिमा न्यारीसबके मन को भाती है,मेहनत करना हमें सिखातीरोटी भूख मिटाती है।सच्ची राह पर चलना निरंतररोटी हमें बताती है,बुरे कर्म से कदम-कदम पररोटी सदा बचाती है।रुकना नहीं…

प्रकृति का नियम

जिस तरह वृक्ष की प्रकृति होती हैहमारी प्रकृति वैसी होनी चाहिए,अपनी धरती पर रह वृक्ष की तरह,जड़ों के साथ ही जुड़े रहना चाहिए। जैसे वृक्ष में जब फल आते हैंतो…