जीवन दर्शन और सुख-दुःख
सुख-दुःख का होना जीवन,में एक सरस एहसास बना,सुख आता है दुःख जाता है,ये क्रम ही अविरल आस बना। जब जीवन का हो उषा काल,सुख की धारा बह चलती है,जब जीवन…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
सुख-दुःख का होना जीवन,में एक सरस एहसास बना,सुख आता है दुःख जाता है,ये क्रम ही अविरल आस बना। जब जीवन का हो उषा काल,सुख की धारा बह चलती है,जब जीवन…
(देश मे हो रहे महिलाओं के साथ कांड विशेष) चीरहरण को देख कर, दरबारी सब मौन।प्रश्न करे अँधराज पर, विदुर बने वो कौन।। राम राज के नाम पर, कैसे हुए…
श्रीराम का घर छोड़ना, षडयंत्र से घिरे,एक भावी राजा की भावुक कथा है,परंतु श्रीकृष्ण का घर छोड़ना एकगूढ़तम कूटनीति के तहत आता है। श्रीराम मर्यादा निभाने में कष्ट सहते हैं,श्रीकृष्ण…
योग्यता कर्म से ही पैदा होती है,जन्म से तो व्यक्ति शून्य होता है,जीवन के अनुभव सुख दुःख देते हैं,ज्ञान व अनुभव जीवनाधार होते हैं। जब इंसान करवट लेता हैतो दिशा…
आज ज़माना क्या फिर आयेगा,राधा कृष्ण का त्याग बतलायेगा,निष्काम प्रेम की वो आधारशिला,जो नि:स्वार्थ जीवनपर्यंत निभायेगा। मित्रता की नींव अगर भावनाओं से,जुड़ी है तो इसका टूटना मुश्किल है,और अगर यह…
श्रीकृष्ण से कह देना,मेरी बात सुना करके,रोती हैं सखियाँ सारी,सुध करके गोकुल में॥श्रीकृष्ण से … उधौ जी उनसे कहना,राधिका भी रोती हैं,कान्हा कान्हा करके,बरसाने में अकेले में॥श्रीकृष्ण से कह देना….…
खोया हुआ धन, खोया हुआ ज्ञान,खोयी सेहत फिर लौट सकते हैं,खोया समय लौट नहीं सकता है,जिसका जीवन में महत्व होता है। पाप करना तो निःसंदेह बुरा होता है,उससे बुरा पुण्य…
राष्ट्रप्रेम का भाव भरा है हर इकभारतवासी तन के रोम रोम में,जहाँ तिरंगा ध्वज बन जाता है,सफ़ेद मूली, गाजर व हरी मिर्च में। हर घर तिरंगा का नारा गूंज रहा…
हमारी स्वयं की राह यदि सही है,तो किसी को सबूत क्यों देना है,ख़ुद अपनी मंज़िल पर डटे रहना,सबूत सभी को वक्त दे देता है। अँधेरा हटाने में वक़्त बर्बाद होता…
पलकें झपकाती हैं साथ साथ,सब कुछ देखती हैं साथ साथ,रोती सोती भी हैं वे साथ साथ,दोनों आँखे रहती हैं साथ साथ। देख नहीं पाती हैं एक दूसरे को,पर सब कुछ…
ईश्वर से आपकी ख़ुशी मागते हैं,दुवाओं में आपकी हँसी मागते हैं,उसकी जगह आपसे क्या माँगूं,यारों उम्रभर की चाहत माँगते हैं। दोस्ती, प्यार व मोहब्बत बनी रहे,हम अजनबी रहे होंगे जब…
आजकल उंगलियाँ निभा रही हैं रिश्ते,पर जुबाँ से निभाने का अवसर कहाँ है,टच में व्यस्त सब, टच में है कोई नहीं,नज़दीकियों की दूरियाँ हैं मिटती नहीं। तीन दिन, पाँच सौ…
क्षमा प्रार्थना का यह तात्पर्य नहीं है,कि हम गलत हैं और दूसरा सही है,हम रिश्ते का ह्रदय से सम्मान करते हैं,सही मायने में किसी का मान करते हैं। सारे जहाँ…
डाक्टर भगवान का रूप होते हैं,अब तक यह कहा जाता रहा है,पर अब ये क्लीनिक में देखते हैं,अपनी दुकान से दवा दिलाते हैं। फिर शैतान बन कर दवा का मूल्यआठ-दस…
सृजनकर्ता की संवेदना सृजन है,सृजनात्मक प्रक्रिया में संघर्ष है,दृश्यात्मकता स्पष्ट नहीं होती है,पर रचनात्मकता स्पष्ट होती है। लकड़ी में कील ठोक दी जाती है,जो आसानी से नहीं निकलती है,निकलती तो…