नदियाँ और उनका रौद्र रूप
नदियाँ अपना रौद्र रूप धरती हैं, तो सिर्फ़ घर नहीं बहते- बह जाते हैं सपने भी, किसी माँ की उम्मीद, किसी पिता की प्रतीक्षा, बच्चों की आँखों में पलता कल…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
नदियाँ अपना रौद्र रूप धरती हैं, तो सिर्फ़ घर नहीं बहते- बह जाते हैं सपने भी, किसी माँ की उम्मीद, किसी पिता की प्रतीक्षा, बच्चों की आँखों में पलता कल…
• डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ दर्पण का काम ही है सबको सबकीसूरत दिखाना चाहे अच्छी हो या नहीं,कितना निरपेक्ष है दर्पण का सिद्धांत,कितना लाजवाब है दर्पण का किरदार। दर्पण…
✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ स्वस्थ विचारों का आदान प्रदान,ज्ञान और बुद्धि से आगे बढ़ता है,तर्कहीन वार्तालाप अज्ञानता एवंअहंकार जैसे दुर्गुण पैदा करता है। किसी की सरलता व सीधापन…