मौत का जाम…!
सागर की धरती रो पड़ी, आँखों में है नमी,किसने घोला ज़हर, बाँटी हैं मौत की ग़मी?जाम समझ बढ़े, “ज़िंदगी” हाथ से छूट गई,घर की चौखट सूनी, लाखों उम्मीदें टूट गईं।वो…
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सागर की धरती रो पड़ी, आँखों में है नमी,किसने घोला ज़हर, बाँटी हैं मौत की ग़मी?जाम समझ बढ़े, “ज़िंदगी” हाथ से छूट गई,घर की चौखट सूनी, लाखों उम्मीदें टूट गईं।वो…
अंधेरी खदान से प्रशासनिक शिखर तक ♥️ कहानी – एपिसोड 1 ♥️ जीवन का असली रंग: वह कलेक्टर जो मेकअप नहीं करती ✦ हम जीवन को बाहर से सुंदर बनाने…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। तेज रफ्तार, तकनीक और दिखावे से भरे इस दौर में अक्सर कहा जाता है कि मानवता मर चुकी है। लोग अपने स्वार्थ तक सिमट गए हैं…
नवनीत मिश्र आज का मानव समाज तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। भौतिक उपलब्धियाँ बढ़ी हैं, लेकिन मानसिक अशांति, असहिष्णुता और वैचारिक भ्रम भी उतनी ही तेजी से…
सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कड़ाके की ठंड में मानवता और संवेदनशीलता की एक अनुकरणीय मिसाल उस समय देखने को मिली, जब हरैया वार्ड में रहने वाले एक परिवार ने देर…
डॉ. संदीप पाण्डेय नर सेवा ही नारायण सेवा है, यह कथन बाबा आमटे के जीवन में केवल विचार नहीं, बल्कि उनका संपूर्ण आचरण था। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण…
अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस मानव सभ्यता को यह स्मरण कराने का अवसर है कि पृथ्वी पर रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति, चाहे उसकी पहचान किसी भी देश, धर्म, भाषा या संस्कृति…
बिहार के नवादा में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: शव वाहन न मिलने पर ठेले पर घर ले जाया गया युवक का शव नवादा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)बिहार के नवादा जिले…
चरण स्पर्श से ऊँचा हृदय मेंमान सम्मान व प्रेम होता है,किसी को प्रणाम करने सेउसका आशीर्वाद मिलता है। जो भी अच्छा करता है इंसान,वही तो उसे वापस मिलता है,मान करता…