
बलिया (राष्ट्र की परम्परा )
50 बेड के आयुष अस्पताल चितबड़ागांव में बुधवार को 11वां आयुर्वेद दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात फेरी से हुई। इसके बाद अस्पताल परिसर में भगवान धन्वंतरि के चित्र पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कुमार गुप्ता और मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।इस अवसर पर क्षेत्र से आए मरीजों के साथ विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को अस्पताल परिसर में लगाए गए विभिन्न औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों के बारे में जानकारी दी गई। चिकित्सकों की टीम ने पौधों के औषधीय गुणों, उनके उपयोग और सेवन से होने वाले संभावित स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से बताया। चिकित्सकों ने लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति और जीवनशैली में इसके उपयोग के प्रति जागरूक किया।
डॉ. देवेश कुमार ने कहा कि कोरोना काल के दौरान गिलोय, तुलसी समेत कई आयुर्वेदिक औषधीय पौधों और उनसे तैयार किए जाने वाले उत्पादों का लोगों ने व्यापक रूप से उपयोग किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा परंपरा है, जिसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता और स्वस्थ जीवनशैली पर भी जोर दिया जाता है। कार्यक्रम में सरस्वती शिशु मंदिर, यशोदा राज तथा जमुना राम मेमोरियल विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया। बच्चों ने आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के प्रयोग और उनके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। इससे कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को औषधीय पौधों के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।चिकित्सकों की टीम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कुमार गुप्ता, डॉ. विवेक पांडेय, डॉ. देवेश कुमार, डॉ. अहमद कलीम, डॉ. जितेंद्र चौधरी, डॉ. आशा पाल और डॉ. नवीन सिंह शामिल रहे चिकित्सकों ने लोगों से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को समझने तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार अपनाने की अपील की।कार्यक्रम के अंत में नगर पंचायत अध्यक्ष अमरजीत सिंह और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कुमार गुप्ता ने विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में अस्पताल के चिकित्सक,कर्मचारी, विद्यार्थी और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
