
छह माह में 628 मोबाइल खोजकर स्वामियों को सौंपे, 1.78 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मोबाइल गुम होने के बाद उन्हें वापस पाने की उम्मीद छोड़ चुके 110 लोगों के चेहरे बुधवार को उस समय खिल उठे, जब महराजगंज पुलिस ने उनके खोए मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें वापस सौंप दिए। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में सर्विलांस सेल ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल और तकनीकी निगरानी के माध्यम से 110 मोबाइल बरामद किए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 27 लाख रुपये बताई गई है।बुधवार को मोबाइल स्वामियों को बुलाकर आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कराई गईं और उनके मोबाइल सुपुर्द किए गए। अपना खोया मोबाइल वापस पाकर लोगों ने महराजगंज पुलिस और सर्विलांस सेल की टीम के प्रति आभार जताया।पुलिस के अनुसार, पिछले छह माह में सीईआईआर पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की मदद से कुल 628 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.78 करोड़ रुपये है। बरामद सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए हैं।सर्विलांस सेल ने मोबाइलों की आईएमईआई आधारित ट्रैकिंग, तकनीकी विश्लेषण और उपलब्ध डिजिटल संसाधनों की मदद से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन खोजे। मोबाइल गुम होने के संबंध में प्राप्त प्रार्थना-पत्रों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने यह सफलता हासिल की।जांच के दौरान सामने आया कि कई मोबाइल भीड़भाड़ वाले बाजार, सब्जी-फल मंडी और साप्ताहिक बाजार में खरीदारी के दौरान गिर गए थे। कुछ लोग यात्रा के दौरान ऑटो, टैक्सी और बस में मोबाइल भूल गए थे। बाइक चलाते समय जेब से मोबाइल गिरने के मामले भी सामने आए। इसके अलावा पार्क में व्यायाम या खेल, शादी समारोह, बारात चढ़त, सार्वजनिक कार्यक्रमों की भीड़ और धार्मिक स्थलों पर भी मोबाइल गुम होने के मामले मिले। कुछ मोबाइल बच्चों द्वारा गेम खेलने के दौरान कहीं रख देने से भी गुम हुए थे।पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने सर्विलांस सेल की टीम की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक आधारित पुलिसिंग के माध्यम से लोगों की संपत्ति सुरक्षित वापस दिलाना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर सीईआईआर पोर्टल पर उसे ब्लॉक कराएं और नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि मोबाइल को ट्रैक कर बरामद करने की कार्रवाई की जा सके।मोबाइल बरामदगी में कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-बी शिवानंद पासवान, मुख्य आरक्षी मो. कुतुबुद्दीन, मुख्य आरक्षी राजकुमार राजभर, मुख्य आरक्षी आलोक पांडेय, आरक्षी सुधीर कुमार यादव, आरक्षी सूरज गुप्ता, आरक्षी नीरज कुमार सहित जनपद के सभी थानों पर पोर्टल से जुड़े पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।
