🌿 अकेला रह नहीं पाता
विरह, प्रतीक्षा और स्मृतियों की सजीव कविता अकेला रह नहीं पाताडाकिया अब कोई पातीतुम्हारी क्यों नहीं लातालाख करता हूँ कोशिश मैंअकेला रह नहीं पातामिलन की आस लेकरआज भी बैठा हूँ…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
विरह, प्रतीक्षा और स्मृतियों की सजीव कविता अकेला रह नहीं पाताडाकिया अब कोई पातीतुम्हारी क्यों नहीं लातालाख करता हूँ कोशिश मैंअकेला रह नहीं पातामिलन की आस लेकरआज भी बैठा हूँ…