
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के कृषि और उद्यानिकी उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और किसानों की निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए मंगलवार को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) और उद्यान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में करीब 100 प्रगतिशील किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के प्रतिनिधियों और निर्यातकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल ने बागवानी एवं प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़ी राज्य सरकार की विभिन्न अनुदान योजनाओं और तकनीकी सहायता की जानकारी दी। एपीडा के प्रतिनिधि सत्येंद्र सिंह लोधी ने किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के साथ उत्पादों की पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात के लिए जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया समझाई।
उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार वर्मा ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के विकास तथा एफपीओ को उद्यमिता से जोड़ने की संभावनाओं पर जानकारी दी। अपर जिला कृषि अधिकारी डॉ. बृजेश चौधरी ने उन्नत कृषि तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप फसल प्रबंधन के तौर-तरीके बताए।
विशेषज्ञों ने कहा कि एफपीओ के जरिए किसान संगठित होकर अपने उत्पादों की बेहतर ग्रेडिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग कर सकते हैं। इससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सीधे उत्पाद बेचने के अवसर मिलेंगे। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें किसानों और निर्यातकों ने निर्यात से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं और समस्याएं रखीं, जिनका अधिकारियों और विशेषज्ञों ने व्यावहारिक समाधान बताया। अधिकारियों ने इसे जिले में कृषि उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।