बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन से वाराणसी सिटी के लिए नई रेल सेवा का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इसके साथ ही रुपईडीहा और भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र को काशी से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिल गई।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से भी कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया।
56 किलोमीटर रेलखंड पर 730 करोड़ रुपये की परियोजना
रेलवे की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत लगभग 56 किलोमीटर लंबे रेलखंड का आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण कराया गया है। करीब 730 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई इस परियोजना में पुरानी मीटर गेज रेल लाइन को ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया है।
विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद अब इस रेलखंड पर आधुनिक और तेज गति वाली ट्रेनों का संचालन संभव हो गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले इस क्षेत्र में मीटर गेज की रेल लाइन थी, लेकिन अब इसे ब्रॉड गेज में बदलने के साथ विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है। इससे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को आधुनिक और बेहतर रेल सुविधाएं मिलेंगी।

31 सबवे और तीन ओवरब्रिज समेत आधुनिक सुविधाएं
परियोजना के अंतर्गत यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए कई आधुनिक निर्माण कार्य कराए गए हैं। इनमें शामिल हैं—
- 31 सबवे
- 3 ओवरब्रिज
- 3 प्लेटफार्म
- 1 फुट ओवरब्रिज
- आधुनिक टॉयलेट सुविधाएं
- 4 हाईमास्ट लाइटें
इसके अलावा नेपालगंज रोड, नानपारा, रिसिया और मटेरा रेलवे स्टेशनों पर नई स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण भी कराया गया है।
योगी बोले- जब पटरी बड़ी होती है तो रास्ते और अवसर भी बड़े होते हैं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेल कनेक्टिविटी और विकास के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जब पटरी बड़ी होती है तो रास्ते भी बड़े होते हैं, अवसर भी बड़े होते हैं और संकल्प भी बड़ा होता है।

उन्होंने कहा कि बड़ी रेल लाइन केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि यह विकास के नए रास्ते खोलती है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इस क्षेत्र के लिए वाराणसी तक सीधी रेल सेवा को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वाराणसी तक सीधी ट्रेन से यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
नेपालगंज रोड से वाराणसी सिटी तक रेल सेवा शुरू होने से रुपईडीहा, नानपारा, बहराइच और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। यात्रियों की सड़क मार्ग पर निर्भरता कम होगी।
धार्मिक, व्यावसायिक, शैक्षिक और अन्य कार्यों से वाराणसी जाने वाले यात्रियों को सीधी रेल सेवा का लाभ मिलेगा। काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह ट्रेन महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
बेहतर रेल कनेक्टिविटी से भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों की लंबे समय से इस रेलखंड को ब्रॉड गेज में परिवर्तित कर आधुनिक रेल सेवा शुरू करने की मांग थी, जो अब पूरी हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का काम कर रही है। सड़क, रेल, बिजली और अन्य सुविधाओं के विस्तार से सीमावर्ती क्षेत्र अब देश के प्रमुख शहरों से तेजी से जुड़ रहा है।
नेपाल त्रासदी के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान नेपाल में हुई त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति भी संवेदना व्यक्त की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, रेलवे अधिकारियों और अन्य लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी।
1 सितंबर 2026 से नियमित ट्रेन सेवा
नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन से वाराणसी के लिए ट्रेन सेवा शुरू होना भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
करीब 730 करोड़ रुपये की लागत से 56 किलोमीटर लंबे रेलखंड के आमान परिवर्तन, विद्युतीकरण और आधुनिक यात्री सुविधाओं का कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
1 सितंबर 2026 से निर्धारित समय-सारणी के अनुसार नियमित रेल सेवाओं का संचालन किया जाएगा।
कार्यक्रम में बहराइच सांसद आनंद कुमार गोंड, पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड, सांसद जगदंबिका पाल, नानपारा विधायक रामनिवास वर्मा, बलहा विधायक सरोज सोनकर, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल, एमएलसी प्रज्ञा त्रिपाठी सहित रेलवे के महाप्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।