Category: अन्य खबरे

गोबर पीने तक का ज्ञान दे रहे हैं नेता लोग?

नेता तोड़ रहे भाषा की मर्यादा, असली मुद्दे गायब गुड़’गोबर’ हुई राजनीति चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की बयानबाजी अक्सर चरम पर पहुंच जाती है। पार्टी नेता अपनी बात…

बिखर रहे चूल्हे सभी सिमटे आँगन रोजनई सदी ये कर रही जाने कैसी खोज

हिसार (राष्ट्र की परम्परा)। पिछले कुछ समय में पारिवारिक ढांचे में काफ़ी बदलाव हुआ है। मगर परिवारों की नींव का इस तरह से कमजोर पड़ना कई चीजों पर निर्भर हो…

जातक कथाओं में प्रबन्ध शास्त्रीय तत्व विषयक व्याख्यान संपन्न

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा बृहस्पतिवार को भारतीय संस्कृति अभिरूचि पाठ्यक्रम के अन्तर्गत सप्त दिवसीय राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला के द्वितीय दिवस…

दो पंक्तियों में जीवन का सार कहने की कला में पारंगत संत कबीर दास

भारतीय संत परंपरा में संत कबीर दास जी एक प्रमुख नाम हैं। उनकी सखी-सबद-रमैनी की त्रिवेणी से निकली पंक्तियां आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। संत कबीर दास जी…

युवाओं के प्रेरणा स्रोत: युग पुरुष स्वामी विवेकानंद

जयंती पर विशेष ✍️नवनीत मिश्र युग पुरुष स्वामी विवेकानंद जी का जन्म जिस समय हुआ, उस समय भारत की सामाजिक, राजनैतिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियां विषमताओं व उथल-पुथल से भरी थी।…

नहीं हुआ सेमीफाइनल खराब मौसम ने कोलकाता और झारखंड को बराबरी पर रोका

स्व. फूलमती देवी राष्ट्रीय महिला फुटबाल प्रतियोगिता बैतालपुर, देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) स्व. फूलमती देवी राष्ट्रीय महिला फुटबाल प्रतियोगिता के छठवे दिन मंगलवार को कोलकाता और झारखण्ड (धनबाद )के बीच…

वैश्विक अनिश्चितता के बीच विज़न 2047 के लिए विकास की गति को बनाए रखना बज़ट 2025-26 में चुनौती पूर्ण 

बजट 2025 में कौशलता, एंप्लॉयमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट टैक्स सुधार के माध्यम से लोगों के हाथ में पैसा आए जैसे सुधारो पर फोकस की संभावना- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र…

आधी दुनिया 

विरासत में मिले साहित्य प्रेम और माहौल से बनी लेखिका प्रियंका ‘सौरभ कहते है न कि बच्चों को जैसा माहौल घर में मिलता है, उनके भविष्य में उसकी छाप ज़रूर…

विश्व ध्यान दिवस : मानसिक शांति और स्वास्थ्य की ओर एक कदम

✒️नवनीत मिश्र आज से प्रत्येक वर्ष 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य विश्व भर में शांति, एकता और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। यह दिन…

अब कौन बताए-प्रियंका सौरभ

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)चेहरे है सब क्यों मुरझाए,अब कौन बताए।क्यों फैले दहशतगर्दी के साये,अब कौन बताए॥कभी होकर देश पर कुर्बान,जो अमर हुए थे,सपूत वही आज क्यों घबराये,अब कौन बताए।कौन है कातिल…

अभियान,सामुदायिक कार्यक्रम व चर्चाएं आयोजित कर पीड़ितों में जागरूकता लाएं 

राष्ट्रीय मिर्गी दिवस 17 नवंबर 2024 पर विशेष-शैक्षिक गोंदिया – वैश्विक स्तरपर दुनियाँ का हर देश इस आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी युगमें भी अनेक प्रकार की बीमारियों रोगों से ग्रस्त है,…

समय की समझ

समयनिष्ठा का पालन मानव केश्रेष्ठ गुणों में सर्वश्रेष्ठ होता है,यह ऐसा स्वभाव है जो हमें सफलबनाने में बहुत सहायक होता है। समय पर सभी कार्य पूरे करने वालासमय निकलने पर…

दीयों से मने दीवाली, मिट्टी के दीये जलाएँ !

✒️प्रियंका सौरभ आज की भागती दौड़ती ज़िन्दगी में लोग अपनी परंपरा को भूलते जा रहे हैं। इसका परिणाम है कि आज देश में पर्यावरण संकट के साथ-साथ कई तरह की…

परंपरा भी जीवंत बनायें रखे मिट्टी के दीये जलाएँ, प्रदूषण को दूर भगाएँ

आधुनिकता के दौर में दीपोत्सव पर मिट्टी की दीये जलाने की परंपरा विलुप्त हो रही है। इससे सामाजिक रूप से व पर्यावरण पर ग़लत प्रभाव पड़ने की आशंका को नकारा…