भीमराव अंबेडकर और आज विचारों का आईना या प्रतीकों का प्रदर्शन
डॉ० भीमराव अंबेडकर ने भारत को एक समतामूलक, न्यायप्रिय और जातिविहीन समाज का सपना दिखाया था। उन्होंने संविधान बनाया, शिक्षा और सामाजिक न्याय को हथियार बनाया, और जाति व्यवस्था का…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
डॉ० भीमराव अंबेडकर ने भारत को एक समतामूलक, न्यायप्रिय और जातिविहीन समाज का सपना दिखाया था। उन्होंने संविधान बनाया, शिक्षा और सामाजिक न्याय को हथियार बनाया, और जाति व्यवस्था का…
लोकतांत्रिक भारत हमारा कर्तव्य हमारी जिम्मेवारी जनतंत्र की जान सजग नागरिक और सतत भागीदारी लोकतंत्र केवल अधिकारों का मंच नहीं, बल्कि नागरिकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का साझेधार भी है।…
भारत में सरकारी स्कूल सामाजिक समानता और शिक्षा के अधिकार के प्रतीक हैं, लेकिन बजट कटौती, ढांचागत कमी और शिक्षकों की अनुपलब्धता ने इनकी साख गिराई है। हरियाणा इसका ताजा…
मूर्ति की पूजा, विचारों की हत्या हाथ में माला, मन में पाखंड बाबा साहब के विचारों—जैसे सामाजिक न्याय, जातिवाद का उन्मूलन, दलित-पिछड़ों को सत्ता में हिस्सेदारी, और संविधान की गरिमा…
ज्योतिराव फूले, जिन्होंने समाज को आँखें दीं। धूप थी अज्ञान की, अंधकार था घना,उग आया फूले-सा एक सूर्य अनमना।ज्योति बनी वह वाणी, दीप बना विचार,टूटे पाखंडों के जाल, जागा हर…
भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी अधिकार आज निजी संस्थानों के लिए मुनाफे का जरिया बन चुके हैं। प्राइवेट स्कूल सुविधाओं की आड़ में अभिभावकों से मनमाने शुल्क वसूलते…
“ज्योतिबा फुले का भारत बनाना अभी बाकी है” फुले केवल उन्नीसवीं सदी के समाज सुधारक नहीं थे, बल्कि वे आज भी जाति, लिंग और वर्ग आधारित असमानताओं के खिलाफ एक…
एक नैतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण की पुकार विशेष——(राष्ट्र की परम्परा) आज के भौतिकवादी और असहिष्णु समय में भगवान महावीर के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने अहिंसा, सत्य,…
“धोखे की खबरें बिकती हैं, लेकिन विश्वास की कहानियाँ दबा दी जाती हैं — क्या हम संतुलन भूल गए हैं?” मीडिया में स्त्रियों की छवि और उससे जुड़ी सनसनीखेज रिपोर्टिंग…
खजागुड़ा जैसे जंगलों को शहरीकरण के नाम पर नष्ट किया जा रहा है, जिससे न केवल पेड़, बल्कि वन्यजीव और स्थानीय समुदाय भी प्रभावित हो रहे हैं। यह विनाश पर्यावरणीय…
प्रतिक संघवी राजकोट गुजरात कोईभी देश की कर व्यवस्था यानी की टेक्स का ढांचा उसके देश की बहुत ही महत्व पूर्ण नींव है। अगर उसमें असमंजस और हड़बड़ी होगी तो…
टैरिफ, यानी व्यापार शुल्क, वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण आर्थिक उपकरण है। हाल के वर्षों में, विशेष रूप से ट्रम्प प्रशासन के दौरान, अमेरिका और कई अन्य…
“है प्रीत जहाँ की रीत सदा मैं गीत वहाँ के गाता हूँभारत का रहने वाला हूँ भारत की बात सुनाता हूँ” जब भी भारतभूमि से जुड़ी फिल्मों और कलाकारों की…
गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरित मानस में लिखा है चारि पदारथ करतल जाके।प्रिय पितु मातु प्राण सम जाके। अर्थात् जो मनुष्य अपने माता- पिता को अपने प्राणों से ज़्यादा प्यार…
जो रोकता, जो टोकता है,वही सत्य का दीप जला है।जो कटु वचन से राह दिखाए,सच मानो, सच्चा सखा है। जिस बगिया का माली जागे,हरियाली चारों ओर आए।स्नेह से जो सींचे…