रिश्तों के सच
आखिर सच ही गूँजता, खोले सबकी पोल।झूठे मुँह से पीट ले, कोई कितने ढोल॥ जिसने सच को त्यागकर, पाला झूठ हराम।वो रिश्तों की फ़सल को, कर बैठा नीलाम॥वक्त कराये है…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
आखिर सच ही गूँजता, खोले सबकी पोल।झूठे मुँह से पीट ले, कोई कितने ढोल॥ जिसने सच को त्यागकर, पाला झूठ हराम।वो रिश्तों की फ़सल को, कर बैठा नीलाम॥वक्त कराये है…
1- वैदिक धर्म में सात फेरे, सात वचन यह एक विचारणीय प्रश्न है किभारतीय समाज में एक पृथा है,दूल्हा दुलहन विवाह के समय अग्निके पूरे सात फेरे साथ साथ लेते…
हिसार(राष्ट्र की परम्परा)लोग अपने मेंजीने लग गए है।अपने कहलाने वालेलोग कहाँ रह गए है? पराये दुख को पीना।एक-दूजे हेतु जीना॥पुराने चर्चे बन गए है।धोखा खा खाकरपाक टूट मन गए है॥…
जिस सन्तान को पाल पोसकर बड़ाकिया वही उन्हें डांटकर चुप करवाए,स्वाभाविक है उनके मन में भी तबताड़ना, प्रताड़ना के कुभाव आयें। वृद्धजनों को भावनात्मक रूप सेसंतानों द्वारा धमकाना समाज में,आज…
हिसार(राष्ट्र की परम्परा)गहन लगे सूरज की भांति ढल रहा है आदमी।अपनी ही चादर को ख़ुद छल रहा है आदमी॥ आदमी ने आदमी से,तोड़ लिया है नाता।भूल गया प्रेम की खेती,स्वार्थ…
हिसार(राष्ट्र की परम्परा)अगर चाहो तुम सूरज बनना,बनकर के दीप जलो।गर खिलना है फूलों-सा,काँटों पर नित चलो॥ जीवन के इस सफ़र में,न जाने कितने मोड़ मिलेंगे।पग-पग मुश्किल रस्ता रोकेगी,कष्टों के झकझोर…
कुछ मंज़िलें अकेले ही पार होती हैं,कुछ लड़ाइयाँ अकेले लड़नी पड़ती हैं,दुनिया में आते भी अकेले ही हैं हम,दुनिया से अकेले ही जाते भी हैं हम। वक्त कहाँ इंगित करता…
काव्यगोष्ठी आयोजित गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l किसानों की मार्मिक दशा का चित्रण करते हुए युवा कवि डा.सुधीर श्रीवास्तव “नीरज” ने यह गीत भागीरथी सांस्कृतिक मंच, गोरखपुर की 783वी काव्य गोष्ठी में…
दीपक बनकर तम दूर करें,धरती जैसा हो सहिष्णु बने,वृक्षों जैसा परोपकारी होकरतन मन से सबका दुःख दूर करें। समय गँवाना नही कभी,चलते रहना है घड़ी जैसा,निशि – वासर देते रहनानियमित…
सनातन संस्कृति की कुछ श्रेष्ठ नहीसर्वश्रेष्ठ मान्यतायें होती हैं, ग्रंथों मेंगीता प्राणियों में गोमाता, पक्षियों मेंगरुड़ की अति श्रेष्ठ महत्ता होती है। सत्यवादियों में राजा श्री हरिश्चंद्र,दानियों में महादानी ऋषि…
हाल में मैं एक शादी में गया हुआ था,रिसोर्ट में शादी का प्रबंध हुआ था,बारात में बैंड का नाम महबूब बैंड थागाने वाले का नाम महबूब खान था। आगे लाउड…
यह संसार आठ अरब लोगों का घर है,भारत का हिस्सा 1.41 अरब उसमें है,सब गड्डमगड्य हो गया सुरसा मुखजैसी बढ़ती भारत की जनसंख्या है। अगले दो चार सालों में हम…
उम्मीद का दामन थाम कर हीइंसान जीवन में आगे बढ़ता है,कोई जीत गया कोई हार गया,यह उतना महत्व नहीं रखता है। हार जीत हर खेल में होती ही है,व विजेता…
अंग्रेजों ने जब उनको भारत आनेनहीं दिया तो वे अमेरिका चले गए‘यंग इंडिया’ पत्रिका का संपादनऔर प्रकाशन उन्होंने वहीं किया। अमेरिका के न्यूयार्क शहर में इंडियनइनफार्मेशन ब्यूरो की स्थापना की,इसके…
स्वास्थ्य कभी औषधियों के बल सेकिसी का नही निखारा जाता है,मन का संतोष कभी धन की ताक़तसे नही किसी को मिल पाता है। आत्मा का संयम, संतोष हृदय काशरीर को…