बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। सादे स्टाम्प पर अंगूठा लगाने से मना करने पर महिला के सिर पर फरसे से हमला करने और जातिसूचक गाली देकर मारपीट करने के मामले में न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट पवन कुमार शर्मा ने अभियुक्त अवधेश सिंह को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं में कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।मामला थाना कैसरगंज क्षेत्र के परानापुर दाखिला बढ़ौली गांव का है। वादी रामसागर पुत्र तहदीप ने पुलिस को सूचना दी थी कि सादे स्टाम्प पर अंगूठा लगाने से मना करने पर अवधेश सिंह ने उसकी पत्नी के सिर पर फरसे से हमला कर दिया। इसके बाद वादी के साथ मारपीट करते हुए जातिसूचक गाली देने का भी आरोप लगाया गया था। मामले में थाना कैसरगंज में मु0अ0सं0 739/2005 के तहत धारा 324, 323, 504, 506 भादवि एवं 3(1)X एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था।विवेचना के दौरान तत्कालीन क्षेत्राधिकारी अजीजुल हक एवं क्षेत्राधिकारी जे.एन. तिवारी ने साक्ष्य संकलन, गवाहों के बयान तथा अन्य विवेचनात्मक कार्रवाई पूरी करते हुए अभियुक्त के विरुद्ध धारा 323, 324, 325, 308, 504, 506(2) भादवि एवं 3(1)X एससी-एसटी एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध आरोप विरचित किए गए।पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के आदेश एवं पुलिस अधीक्षक बहराइच के निर्देशन में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मामले में प्रभावी पैरवी की गई। मॉनिटरिंग सेल पुलिस कार्यालय बहराइच, प्रभारी थाना कैसरगंज राकेश कुमार, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल विमल किशोर तथा थाना पैरोकार अमरेन्द्र कुमार यादव की पैरवी के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराया।न्यायालय ने धारा 323 भादवि में छह माह का साधारण कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास सुनाया। धारा 324 भादवि में दो वर्ष का कारावास एवं 5,000 रुपये अर्थदंड तथा अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास और धारा 308 भादवि में तीन वर्ष का कारावास एवं 30,000 रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई।