जन्म दिन विशेष कविता बृजेश मिश्र:– पत्रकार/ कवि
आज जन्मदिन मिश्र कुलदीप की “सत्रहवीं जन्म दिवस” जनवरी छः दिन सोमवार सन पच्चीस। दे रहा हूं जिसकी “मैं” बधाई।बाबा रहे आप के स्वर्गीय मिश्र धर्म देव, पिता मिश्र शिवपूजन…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
आज जन्मदिन मिश्र कुलदीप की “सत्रहवीं जन्म दिवस” जनवरी छः दिन सोमवार सन पच्चीस। दे रहा हूं जिसकी “मैं” बधाई।बाबा रहे आप के स्वर्गीय मिश्र धर्म देव, पिता मिश्र शिवपूजन…
हिसार(राष्ट्र की परम्परा)उतरेंगे नकाब तेरे।सुन तो ले जवाब मेरे॥ भरे थे तो क़द्र न जानी,सूखे अब तालाब तेरे। अपने खाते मत खुला,कच्चे है हिसाब तेरे। देख चकित रह जायेगामित्र है…
परोपकार, दान धर्म स्वाभाविक है,देने वाला कभी विचार नहीं करता,बहुत ज़्यादा विचार करने वाला तोसोच सोच कर कुछ दे नहीं पाता। वक्त किसी की प्रतीक्षा नहीं करता,हवा की दिशा कोई…
ऐश्वर्यवान कृपण के लिये विद्वान,सुशील भी अति तुच्छ तृण समान,कमल पुष्प कली और नाल भुभक्षहंस करत वंचित भ्रमर और मधुमक्ष। कमल पुष्प मधु पराग न सकएकत्र कर वञ्चित कृत निरर्थ,धनवान…
भगवान विष्णु की छाती पर महर्षि,भृगु ने क्यों लात मारी थी एक बार,यह अद्भुत पूरा प्रसंग जानिए कि भृगुऋषि ने त्रिदेवों से क्यों किया पाप। महर्षि भृगु ब्रह्माजी के मानस…
स्वस्थ विचारों का आदान प्रदान,ज्ञान और बुद्धि से आगे बढ़ता है,तर्कहीन वार्तालाप अज्ञानता एवंअहंकार जैसे दुर्गुण पैदा करता है। किसी की सरलता व सीधापन कोलोग उसकी कमजोरी मान लेते हैं,पर…
आज ज़रूरत आन पड़ी है भारत को,अपनी प्राचीन संस्कृति को पहचाने,प्राचीन भारतीय परम्परांओं को हम,आओ अपने सांस्कृतिक हित में जाने। प्रथम पूज्य अकेले श्री गणेश हैं,दो पक्ष कृष्ण और शुक्ल…
रावण पराक्रमी, बुद्धिमान व ज्ञानी था,पर मारा गया श्री राम के हाथों था,“विनाश काले विपरीत बुद्धि” कानारी से बार बार अभिशाप मिला था। वेदवती महा तपस्विनी से दुर्व्यवहारकिया था उनके…
जैसे चाय में भिगोकर बिस्किट खानेसे ज़रा सी देर में ही घुल जाता है,वैसे ही जीवन में अवसर मिले उसकाउपयोग न हो तो लौट नही आता है। सपने देखने के…
बाबा मैं मिश्र बृजेश दे रहा हूं नाती प्रत्विक को शुभ कामनाएं अपनी अशेषमेरे कुल प्रतिभा के आप हो संवाहक, तेजस्वी ओजस्वी नाती प्रत्विक हैं मेरे। “प्रत्विक /चीकू” के जन्म…
जीवन के उत्तरार्ध में पहुँचें जब,स्वास्थ्य का ख़ुद ध्यान रखें तब,अपना रक्तचाप व रक्तशर्करा भीसमय समय पर नापते रहें तब। नमक, शर्करा और स्टार्चयुक्तचीजें ख़ाना कम कर देना होगा,हरी सब्ज़ियाँ,…
हमारी ख़ुशी में सबसे बड़ी अड़चनशायद हमारी अपनी सोच होती है,क्योंकि हमारी सोच अपने आपकोऔरों से बहुत कमतर आँकती है। हमारी इच्छा का महत्व बड़ा नहीं है,महत्व निर्णय लेने की…
हिसार(राष्ट्र की परम्परा)संसद में मचता गदर, है चिंतन की बात।हँसी उड़े संविधान की, जनता पर आघात॥ भाषा पर संयम नहीं, मर्यादा से दूर।संविधान को कर रहे, सांसद चकनाचूर॥ दागी संसद…
ख़ुश दिखने से ज़्यादा अच्छासचमुच में ख़ुश रहना होता है,दुःख की घड़ी सामने हो, तो इसेभूल ख़ुश रहना अच्छा होता है। हम सबका जीवन संवेदना पुंज है,पर सारी संवेदनाओं के…
हिसार(राष्ट्र की परम्परा)ठण्डी-ठण्डी छांव मेंउस बचपन के गाँव मेंमैं-जाना चाहती हूँ।तोडऩा चाहती हूँबंदिश चारों पहर की।नफरत भरी येजिन्दगी शहर की॥अपनेपन की छायामैं पाना चाहती हूँ।उस बचपन के गाँव मेंमैं-जाना चाहती…