Category: कविता

कहता है गणतंत्र

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)बात एक ही यूँ सदा, कहता है गणतंत्र।बने रहे वो मूल्य सब, जन- मन हो स्वतंत्र। संसद में मचता गदर, है चिंतन की बात।हँसी उड़े संविधान की, जनता…

भारतीय नारियाँ

राष्ट्रीय हो या फिर अंतर्राष्ट्रीय,बालिका दिवस अवश्य मनायें,बालिकाओं को पैदा तो होने दें,उन्हें माँ की कोख में पलने तो दें। बालिका-बालकों का लिंगानुपात,पूरे भारत में नौ के ऊपर दस का…

जरूरतमंद का पेट भरना

ग़लती तो जीवन का एक पृष्ठ है,पर जीवन पूरी की पूरी पुस्तक है,अत: किसी एक पन्ने के लिये पूरीकी पूरी पुस्तक हमें नहीं खोना है। एक पेंड़ से तो लाखों…

विवश विद्यार्थी चुन रहे, आत्महत्या की राह

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)भारी ट्यूशन भीड़ में, सब बच्चे एकांत।रैंकिंग के दबाव में, रह ना पाए शांत।। भोले बचपन पर चले, ऐसे मारक तीर।जीवन कुंठित-सा हुआ, लिए कोचिंग पीर।। निगल गई…

याद रहेगा शूरमा

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)सच्चे वीर सपूत थे,महाराणा प्रताप।लेकर चेतक को बढे,दिए मुग़ल सब नाप॥ हल्दी घाटी में लड़े,बन दुश्मन पर काल।मुग़ल देखते रह गए,एक चली ना चाल॥ राणा जी की शूरता,देख…

सत्य व पूर्ण समर्पण

जीवन सफल बनाने में एक नियमका पालन तो बहुत ज़रूरी होता है,अपने आप से सदैव सच ही बोलो,जो सच है, उसको नहीं झुठलाओ। आप सामर्थ्यवान हैं तो औरों कोभी तो…

आत्मसम्मान

खगड़िया/बिहार (राष्ट्र की परम्परा)प्यार चाहे कितना भी गहरा हो,पर बात जबआत्मसम्मान कि हो,अपने स्वाभिमान की हो,अपमान और सम्मान की हो ,तो मैं अक्सर थम जाता हूँ।फिर अपने आप में रम…

गुणवान को कष्ट भोगना पड़ता है

उनका कहना कि नींद आये न आये,रात में चिराग़ बुझाना ही पड़ता है,क्योंकि रात भर किसी का उन्हें यूँजलना जो अच्छा नहीं लगता है। कमरे का चिराग़ बेशक बुझा दो,पर…

उठती ऊँगली और पे

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)सुन ले थोड़े सच्चे बोल,मतकर इतनी टाल-मटोल। सोच समझकर छूना आग,बेमतलब ना ले पंगे मोल। दुनिया सब कुछ जानती,क्यों पीटता ख़ुद के ढोल। कितने ही तू नारद नचा,धरती…

आदित्य की दो कविताएं

1- पैसा, वक्त और संस्कार पैसा और वक्त दोनों ही मूल्यवान हैं,जीवन में दोनों की बड़ी अहमियत है,दोनों में फ़र्क़ बस इतना होता है किहमारे पास पैसा कितना है हमें…

माघ मकरगति…

माघ मकर गति रवि जब होई,तीरथ पतिहिं आव सब कोई,महाकुंभ का आयोजन इस वर्षफिर प्रयागराज संगम में होई। करोड़ों – करोड़ श्रद्धालु आयेंगे,देश विदेश से संगम स्नान करेंगे,साधू – संतों…

कर्तव्य करिए, फल की इच्छा नहीं

आस्था और विश्वास की ताक़त सेटूटते हुये सम्बंध बार बार जुड़ जाते हैं,लोगों की उजड़ी अंधियारी दुनिया मेंइनके द्वारा हरियाली प्रकाश फैलाते हैं। आदर्श, अनुशासन, मर्यादा, परिश्रम,ईमानदारी के साथ साथ…