छिहत्तर वर्ष, जीवन का तीन-चौथाई सफ़र,आज़ादी के शताब्दी पर्व तक अबकेवल चौबीस वर्ष शेष हैं,यह समय भारत के लिए निर्णायक…
— डॉ. कर्नलआदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ परस्पर आदर–सम्मान का व्यवहार,प्रेम और सद्भाव का है आधार।यह शाश्वत सत्य जग ने माना,ताली न…
चुनाव के टिकट पाने के लिए एकनेता पुत्र का साक्षात्कार हो रहा था,उनसे जब पूछा गया, तुम कौन हो,उसने कहा…
विरह, प्रतीक्षा और स्मृतियों की सजीव कविता अकेला रह नहीं पाताडाकिया अब कोई पातीतुम्हारी क्यों नहीं लातालाख करता हूँ कोशिश…
राम नाम के महामंत्र से,मन का कलुष मिटायेगा,भवसागर से पार लगेगा,तन मन निर्मल हो जायेगा।राम नाम के…… यह तन जो…
संतों, विद्वानों और महापुरुषोंकी कृपा दृष्टि जब मिलती है,जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं,ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।…
कर्तव्य करिए, फल की इच्छा नहींआस्था और विश्वास की ताक़त सेटूटते हुये सम्बंध बार बार जुड़ जाते हैं,लोगों की उजड़ी…
हे कृष्ण गोविंद, मेरे हरे मुरारे,हे नाथ नारायण, हे वासुदेवाय,हे हरये गोपालाय, हे वंशीधराय,प्रणतक्लेशनाशाय, राधेनाथाय। आपको सिरपर मुकुट पहने हुये,हाथों…
सथनी बाला खेड़ा के प्राचीन मंदिर की दिव्य महिमा आज कूटीबाबा जी में बाज रहा डमरू,सथनी बाला खेड़ा के प्राचीन…
✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य' स्वस्थ विचारों का आदान प्रदान,ज्ञान और बुद्धि से आगे बढ़ता है,तर्कहीन वार्तालाप अज्ञानता एवंअहंकार…