गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर, क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र गोरखपुर एवं गोरखपुर…
श्रीराम जय राम, जय जय राम,है अवध पुरी अति पावन धाम,रघुकुल रीति ही जहाँ की शान,प्राण जायँ पर वचन की…
उन दीवारों से पूछो वो 'रातें' कैसी थीं,जब 'रोटी' भी छुप-छुप के खाती थी।उनके आँसू भी 'आवाज़' न करें कहीं,इस…
गर्दन को झुकाकर मोबाइल में यदिअजनबी रिश्तों से हम जुड़ सकते हैं,हकीकत के रिश्तों में गर्दन झुकाकरएक दूसरे को भी…
✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ मैया शैलसुता ब्रह्मचारिणी माँ,चंद्रघंटा देवी कुशमांडा माता,स्कन्दमाता कात्यायिनी माता,कालरात्रि, महागौरी सिद्धिदात्रीमाता का आवाहन करिये…
परिचय अपने ही देश में बेघर दर्द झेलना और शरणार्थी जैसा जीवन जीना आज की सबसे बड़ी विडंबना बनता जा…
— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ आदित्य मति खोजि-खोजि,गूगल-ऊगल में सर्च करत,झूठ और साँच का भेद सबै,कवित्त रचना लिखावतो। सीता-राम,…
सीट सामान्य भई जब सेदस-पंद्रह सोच भई है सयानीभौजिक पांव गहे महतारीतुंही अब लाज बचाओ भवानीकेहुक है रुपया परदेसिककेहुक जेवर…
डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र‘आदित्य’ शतरंज के खिलाड़ी हों या प्यादे,अच्छे लोग सदा ही सस्ते होते हैं,बस मीठा बोल बना लो…