— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ आदित्य मति खोजि-खोजि,गूगल-ऊगल में सर्च करत,झूठ और साँच का भेद सबै,कवित्त रचना लिखावतो। सीता-राम,…
सीट सामान्य भई जब सेदस-पंद्रह सोच भई है सयानीभौजिक पांव गहे महतारीतुंही अब लाज बचाओ भवानीकेहुक है रुपया परदेसिककेहुक जेवर…
डा० कर्नल आदिशंकर मिश्र‘आदित्य’ शतरंज के खिलाड़ी हों या प्यादे,अच्छे लोग सदा ही सस्ते होते हैं,बस मीठा बोल बना लो…
जो भी कहूँ जितना भी कहूँ,बेहतर से बेहतर शब्द चुनू,महिला शक्ति की महिमा में,श्रद्धारूपिणी की गरिमा में। जन्म के समय…
— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ छोटी-छोटी बूंदें जब निरंतर बरसती हैं,तो तालाब और पोखरे सब भर जाते हैं।नदियों का…
✍️ डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’ ‘विद्या वाचस्पति’ जीवन सफ़र उनके लिए सुहावना है,जो इस सफ़र का आनंद उठाते…
आज के दौर में जब भ्रम, दिखावा और नकारात्मकता तेजी से बढ़ रही है, तब “सच देखो सच सुनो सच…