सरकारी और निजी संस्थानों में नियुक्ति का झांसा देकर वसूली जाती थी मोटी रकम, फर्जी नियुक्ति पत्रों के सहारे चल रहा था खेल
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नौकरी की तलाश में भटक रहे युवाओं के सपनों को ठगी का जरिया बनाने वाले एक संगठित गिरोह का निचलौल पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीन पुरुष एवं एक महिला सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से रोजगार के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के पर्यवेक्षण में अपराध एवं साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना निचलौल पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। मामले में दर्ज मुकदमों की विवेचना के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों को लखनऊ एवं गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि गिरोह बेरोजगार युवाओं और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी स्वयं को प्रभावशाली व्यक्तियों और विभिन्न विभागों से जुड़ा बताकर सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती कराने का दावा करते थे। झांसे में आने वाले युवाओं से चयन और नियुक्ति के नाम पर हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले जाते थे। रकम मिलने के बाद आरोपियों द्वारा फर्जी नियुक्ति पत्र, ऑफर लेटर और अन्य दस्तावेज तैयार कर पीड़ितों को सौंप दिए जाते थे। कई बार पीड़ितों को प्रशिक्षण और ज्वाइनिंग की झूठी तारीखें भी बताई जाती थीं, ताकि उन्हें लंबे समय तक भ्रम में रखा जा सके।पुलिस पूछ-ताछ में आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से धन उगाही करने और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने की बात स्वीकार की है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि गिरोह ने कई युवाओं को अपना शिकार बनाया है। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल लेन-देन और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी के और भी मामलों का खुलासा हो सकता है तथा गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है।
पुलिस ने राज चन्द्रा उर्फ अजीत निवासी बड़हलगंज (गोरखपुर), आमोद राठौर निवासी जानकीपुरम(लखनऊ), कुलदीप निवासी नरेंद्र नगर (उन्नाव) तथा उसकी पत्नी आराधना कुमारी को गिरफ्तार किया है। आराधना वर्तमान में लखनऊ के इंदिरानगर क्षेत्र में रह रही थी।
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष अंकित सिंह, एसओजी प्रभारी योगेश कुमार सिंह, स्वाट प्रभारी आशीष कुमार सिंह समेत थाना, एसओजी और स्वाट टीम के कई पुलिस कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें महराजगंज न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी नौकरी के लिए आवेदन करते समय केवल अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करें। नौकरी दिलाने के नाम पर धनराशि मांगने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं से सावधान रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
