आदित्य का हृदय स्रोत गदगद है
— डॉ० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ गाँधी कहूँ या सुभाष कहूँ,या कहूँ वीर जवाहर तैने।इस उम्र में भी प्रशंसा-पत्रोंकी लगा दी लंबी कतार तैने। उठो और सुनाओ, ए.पी.एस.डायरेक्टर को अपनी…
निष्पक्ष खबर, सशक्त विचार
— डॉ० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ गाँधी कहूँ या सुभाष कहूँ,या कहूँ वीर जवाहर तैने।इस उम्र में भी प्रशंसा-पत्रोंकी लगा दी लंबी कतार तैने। उठो और सुनाओ, ए.पी.एस.डायरेक्टर को अपनी…
— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ मन की शक्ति के आगेकोई ताक़त ताकतवर नहीं होती,रवि किरणें जहाँ नहीं पहुँच पातीं,कवि की कल्पना वहाँ पहुँच जाती है। अपनी कल्पना शक्ति का…
छिहत्तर वर्ष, जीवन का तीन-चौथाई सफ़र,आज़ादी के शताब्दी पर्व तक अबकेवल चौबीस वर्ष शेष हैं,यह समय भारत के लिए निर्णायक विशेष है।इसी काल को अमृत काल कहा गया,पर अमृत कलश…
— डॉ. कर्नलआदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ परस्पर आदर–सम्मान का व्यवहार,प्रेम और सद्भाव का है आधार।यह शाश्वत सत्य जग ने माना,ताली न बजे, जब तक हों न दो प्राण। जो ज्येष्ठ, श्रेष्ठ,…
चुनाव के टिकट पाने के लिए एकनेता पुत्र का साक्षात्कार हो रहा था,उनसे जब पूछा गया, तुम कौन हो,उसने कहा सर्वशक्तिमान नेता पुत्र। दूसरा प्रश्न तुम्हारे जीवन का उद्देश्य,उत्तर दे…
विरह, प्रतीक्षा और स्मृतियों की सजीव कविता अकेला रह नहीं पाताडाकिया अब कोई पातीतुम्हारी क्यों नहीं लातालाख करता हूँ कोशिश मैंअकेला रह नहीं पातामिलन की आस लेकरआज भी बैठा हूँ…
राम नाम के महामंत्र से,मन का कलुष मिटायेगा,भवसागर से पार लगेगा,तन मन निर्मल हो जायेगा।राम नाम के…… यह तन जो अनमोल मिला है,प्रभु की कृपा से पाया है,माया मोह के…
संतों, विद्वानों और महापुरुषोंकी कृपा दृष्टि जब मिलती है,जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं,ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। ये दुनिया है और इस दुनिया मेंसब तरह के इंसान…
कर्तव्य करिए, फल की इच्छा नहींआस्था और विश्वास की ताक़त सेटूटते हुये सम्बंध बार बार जुड़ जाते हैं,लोगों की उजड़ी अंधियारी दुनिया मेंइनके द्वारा हरियाली प्रकाश फैलाते हैं। आदर्श, अनुशासन,…
हे कृष्ण गोविंद, मेरे हरे मुरारे,हे नाथ नारायण, हे वासुदेवाय,हे हरये गोपालाय, हे वंशीधराय,प्रणतक्लेशनाशाय, राधेनाथाय। आपको सिरपर मुकुट पहने हुये,हाथों में गदा और चक्र लिये हुये,वसुदेवपुत्र, चतुर्भुज स्वरूप में ही,श्रीकृष्ण…
सथनी बाला खेड़ा के प्राचीन मंदिर की दिव्य महिमा आज कूटीबाबा जी में बाज रहा डमरू,सथनी बाला खेड़ा के प्राचीन मंदिर में गूंजा हर सुर।योगी, यति, संतों ने आकर डेरा…
✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ स्वस्थ विचारों का आदान प्रदान,ज्ञान और बुद्धि से आगे बढ़ता है,तर्कहीन वार्तालाप अज्ञानता एवंअहंकार जैसे दुर्गुण पैदा करता है। किसी की सरलता व सीधापन…
✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ आज मुझे नव स्फूर्ति मिल रही है,नव जन्म वर्ष में प्रवेश कर रहा हूँ,उम्र का एक वर्ष गिनती में बढ़ा आज,एक वर्ष जीवन मेरा…
नूतन वर्ष मनाएंगे साल नया और हाल पुरानाकुछ सुनना कुछ उन्हें सुनानाकुछ पाया कुछ खोया सबनेजैसा था अपनाया हमनेशिकवे और गिले थे सारेउनमें भी सब रहे हमारेजद्दोजहद रही रोटी कीबात…
मो. मोइजुद्दीन | राष्ट्र की परम्परा(रांची, झारखंड) एक व्यक्ति ने खोली अगरबत्ती की दुकान,सुगंध से भरी, किस्मत की थी पहचान।बोर्ड लगाया बाहर उसने सरल सा एक,“यहाँ सुगंधित अगरबत्तियां मिलती हैं”…