-डॉ. सत्यवान सौरभ पोता प्यारा दादा जी का,बैठे उनके पास।दिनभर उनसे बातें करता,हँसता बारह मास। दादा जी जब बाहर जाते,पीछे-पीछे…
✍️ डॉ. प्रियंका सौरभ सच की कीमत लग गई, बोली लगे बाज़ार,ख़बरों के भी दाम हैं, बिकता हर विचार।इश्तहारों के…
✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र‘आदित्य’ बन्द मुट्ठी सवा लाख की,खुल गयी तो ख़ाक की,कहावत कितनी प्रसिद्ध है,अपने आप से यह…
चर्म औ अस्थि की देह को ही बनाया है घर।तो अपनी आत्मा को इसका मेहमान मानिए।। छल प्रपंचों में ही…
✍️ – संजय एम. तराणेकर जहाँ दिल ‘पत्थर’ के हो जाते हैं,वहाँ पे सोना भी पिघलता नहीं।आँखों का पानी सूख…
सच है, सत्य मानो जैसे पाताल में खो गया हो,अब तो झूठ ही जगत पर छाया हुआ प्रतीत होता है।पुरानी…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर, क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र गोरखपुर एवं गोरखपुर…
श्रीराम जय राम, जय जय राम,है अवध पुरी अति पावन धाम,रघुकुल रीति ही जहाँ की शान,प्राण जायँ पर वचन की…
उन दीवारों से पूछो वो 'रातें' कैसी थीं,जब 'रोटी' भी छुप-छुप के खाती थी।उनके आँसू भी 'आवाज़' न करें कहीं,इस…
गर्दन को झुकाकर मोबाइल में यदिअजनबी रिश्तों से हम जुड़ सकते हैं,हकीकत के रिश्तों में गर्दन झुकाकरएक दूसरे को भी…