मानवाधिकार, समानता और न्याय की अलख जगाने वाली शख्सियत को काव्यात्मक नमन नवी पिल्लई जिसने अन्याय के आगे झुकना नहीं…
नाना पाटेकर के अभिनय, संवेदनाओं और अद्भुत संवाद अदायगी को समर्पित भावपूर्ण कविताजिस आवाज़ में था सच का साहस,जिस आँखों…
हरमन, तुमने क्यों छोड़ी कमान,आज यह पूछ रहा है हिंदुस्तान।जीत की राहों की तुम सरताज,तुमसे रोशन हुआ देश का मान।तुमने…
फोटो goo रानी दुर्गावती के शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि के लिए बलिदान को समर्पित वीर रस की कविता हाँ, वह…
Go हरेक चेहरे पर मुस्कान सजाकर,दिल में वो दर्द छिपाकर बैठे हैं।दुनिया समझे सब कुछ अच्छा,हम खामोशी को अपना बैठे…
जनता प्यासी, व्यवस्थाओं पर सवाल और पानी की एक-एक बूंद की कीमत पर सवाल उठाती कविता गरीब देश की ऊँची…
हाँ, कच्ची दीवारों पर जब, संजा मुस्कुराती थी,मिट्टी-गोबर-फूलों से बेटियाँ दुनिया सजाती थीं।नन्ही-सी उँगलियों में पूरा "गाँव" उतर आता था,हर…
था, रिश्तों में था प्यार।अब रिश्ते हैं फोन में, सूना है घर-द्वार॥थोड़ा था पर बाँटकर, खाते थे परिवार।अब थाली भरपूर…
जर्जर इमारतें गिरती रहीं, तंत्र सोता रहा,दीवारों की दरारें खूब चीखती रहीं,हमेशा शहर खामोश होता रहा।किसी छत ने पहले ही…
ज़नाब, जूते न गंदे हो जाएँ युवा साहब के,देखो इंसानियत को कीचड़ में बहा दिया।इस उम्र में उन्हें लाठी का…