✍️ विजय गुंजन मानवता है संकट मेंअब ईश्वर तेरी परीक्षा हैह्रदय भरें हैं दुःख पीड़ा सेक्या ये ही तेरी इच्छा…
✍️ विजय गुंजन जीवन के कुरुक्षेत्र में हर मोड़ पर चक्रव्यूह रचे हैंचाहे जितना प्रयत्न कर लो युद्ध तो करना…
✍️ विजय गुंजन भारत की भाग्यरेखा से भ्रष्टाचार का अंधकार मिटे,जन-जन की चेतना से नवक्रांति का बिगुल फूटे।उत्तर से दक्षिण,…
पेड़ लगाना ही नहीं, रखना भी है ध्यान।जल देकर जीवन मिले, छेड़ो ये अभियान।। पाँच जून के दिन सभी, लें…
-डॉ. सत्यवान सौरभ पोता प्यारा दादा जी का,बैठे उनके पास।दिनभर उनसे बातें करता,हँसता बारह मास। दादा जी जब बाहर जाते,पीछे-पीछे…
✍️ डॉ. प्रियंका सौरभ सच की कीमत लग गई, बोली लगे बाज़ार,ख़बरों के भी दाम हैं, बिकता हर विचार।इश्तहारों के…
✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र‘आदित्य’ बन्द मुट्ठी सवा लाख की,खुल गयी तो ख़ाक की,कहावत कितनी प्रसिद्ध है,अपने आप से यह…
चर्म औ अस्थि की देह को ही बनाया है घर।तो अपनी आत्मा को इसका मेहमान मानिए।। छल प्रपंचों में ही…
✍️ – संजय एम. तराणेकर जहाँ दिल ‘पत्थर’ के हो जाते हैं,वहाँ पे सोना भी पिघलता नहीं।आँखों का पानी सूख…
सच है, सत्य मानो जैसे पाताल में खो गया हो,अब तो झूठ ही जगत पर छाया हुआ प्रतीत होता है।पुरानी…