— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’
मन की शक्ति के आगे
कोई ताक़त ताकतवर नहीं होती,
रवि किरणें जहाँ नहीं पहुँच पातीं,
कवि की कल्पना वहाँ पहुँच जाती है।
अपनी कल्पना शक्ति का प्रयोग कर
कवि ऐसे स्थानों पर पहुँच जाता है,
जहाँ मनुष्य का पहुँचना असंभव है,
चाहे स्वर्ग लोक हो या भू लोक हो।
कल्पना ही व्यक्ति की सोचने की
शक्ति को विकसित करती है,
इसलिए हर व्यक्ति को सदैव खुले
मन से कल्पनाशील होना चाहिए।
कल्पना वही कर सकता है जिसमें
जिजीविषा हो, जो दृढ़निश्चयी है,
जो क्रियाशील रहता है,
रचनात्मकता उसे कल्पना के लिए प्रेरित करती है।
कवि की कलम में वह शक्ति होती है
कि वह समाज में परिवर्तन और क्रांति
दोनों ला सकता है,
समसामयिक कविता रचकर समाज बदल सकता है।
महाकवि कालिदास ने मेघों को दूत
बना अपनी प्रियतमा के पास भेजा,
यह कवि की कल्पना शक्ति का
ज्वलंत उदाहरण और परिचायक है।
निराला का प्रिय विषय बादल रहा है,
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ने तो
मेघों को ही अतिथि मानकर
‘मेघ आए’ कविता की रचना कर डाली।
आकाश में विद्यमान सूर्य की किरणें
उषाकाल से सायंकाल तक
समस्त संसार के कण-कण को
प्रकाशित और आलोकित करती रहती हैं।
पर कवि की कल्पना रवि किरणों को
भी पार कर आकाश की अंतिम
अनंत सीमा को स्पर्श करती है,
जहाँ सूर्य का पहुँचना संभव नहीं।
हमें सदैव कल्पनाशील रहना चाहिए,
हम जितना चिंतन और मनन करेंगे,
हमारी कल्पना शक्ति का उतना ही
अधिक विकास होता जाएगा।
आदित्य कवि-हृदय इंसान को
अपने भीतर के कवि हृदय को
जाग्रत करने की आवश्यकता होती है,
क्योंकि हर इंसान में कवि की कल्पना होती है।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार एवं पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना…
सरकारी और निजी संस्थानों में नियुक्ति का झांसा देकर वसूली जाती थी मोटी रकम, फर्जी…
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर उपलब्धियां गिनाईं, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान में…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के…
शाहजहाँपुर (राष्ट्र की परम्परा )l तिलहर-दातागंज स्टेट हाईवे पर शनिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो…
भलुअनी/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) शनिवार को स्थानीय नगर के शिव मंदिर परिसर के पास अखिल भारतीय…