श्रीराम जय राम, जय जय राम,
है अवध पुरी अति पावन धाम,
रघुकुल रीति ही जहाँ की शान,
प्राण जायँ पर वचन की आन।
भरत, शत्रुघन, लक्ष्मण भाई
ममता मयी हैं कौशल्या माई,
माँ कैकेयी, सुमित्रा गायें लोरी,
मोरे रामचन्द्र हैं प्रिय रघुराईं।
नगरी हैं अयोध्या जनकपुरी सी,
सीता माण्डवी उर्मिला श्रुतिकीर्ति
चारों जनकनंदिनी, जानकी माई,
ये जनकसुता हैं, और वे रघुराई।
अवध पुरी अति पुरी सुहावनि,
रघुकुल सा कुल अति पावन है,
चरण कमल रघुबर के विराजत,
मेरे तन मन को वही सुहावन है।
अद्भुत प्रेम चारो भ्राताओं में,
श्री राम बसे हैं सबके मन में,
हैं चक्रवर्ति नृप दशरथ जैसे,
स्वामी हैं मेरे श्री रघुनंदन से।
राम त्याग, तपस्या की मर्यादा,
दया क्षमा व प्रेम की हैं गाथा,
राम से बड़ा नाम ही काफ़ी है,
आदित्य सिया-राम भारत है।
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लखनऊ के विकासनगर सेक्टर-14 में बुधवार दोपहर एक भीषण आग लगने…
प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा)। बुधवार शाम एक बेहद दर्दनाक रेल हादसा सामने आया, जिसमें पांच…
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुर में अधिवक्ता विजेंद्र सिंह की मौत…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 10वीं के घोषित परीक्षा परिणाम…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में मिशन शक्ति फेज-5…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में…