मऊ( राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने जनपद मऊ के ताजोपुर स्थित अत्याधुनिक ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल का लोकार्पण करते हुए पूर्वांचल को बड़ी स्वास्थ्य सौगात दी। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल केवल एक चिकित्सा केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और सामाजिक समर्पण का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘स्वस्थ भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को उत्तर प्रदेश सरकार तेजी से धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि पहले पूर्वांचल के लोगों को सीटी स्कैन, डायलिसिस, वेंटिलेटर और गंभीर इलाज के लिए वाराणसी, लखनऊ या दिल्ली तक जाना पड़ता था, लेकिन अब आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं गांवों तक पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल के संस्थापक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर पी.एन. सिंह की सराहना करते हुए कहा कि सेना में 33 वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य, नर्सिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में जो कार्य किया है, वह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था और स्वावलंबन को मजबूत करने वाला बड़ा निवेश भी है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में अत्याधुनिक आईसीयू, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस और क्रिटिकल केयर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे मऊ सहित आजमगढ़, बलिया और गाजीपुर के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इलाज के अभाव में किसी गरीब को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीज की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि चिकित्सा व्यवस्था में संवेदनशीलता और सेवाभाव सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि दवाओं की कालाबाजारी, मरीजों का शोषण और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक समरसता पर भी जोर देते हुए कहा कि छुआछूत जैसी कुरीतियां गुलामी की मानसिकता की निशानी हैं और समाज को इससे पूरी तरह मुक्त होना होगा। उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव समाज और राष्ट्र की सेवा ही सच्चा राष्ट्रधर्म है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और सैन्य परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के वीर जवानों का त्याग और बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने विश्वास जताया कि ताजोपुर का ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल पूर्वांचल के चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने अस्पताल के विभिन्न वॉर्डों, आईसीयू यूनिट, तकनीकी कक्षों और चिकित्सा उपकरणों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।
सैनिकों और गरीबों के लिए समर्पित सुपर स्पेशियलिटी सुविधा, मऊ में योगी का बड़ा संदेश
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