लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में तबादला नीति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बस्ती जिले में करीब 28 वर्षों से तैनात और पिछले सात साल से एक ही पद पर कार्यरत चीफ फार्मासिस्ट पर भ्रष्टाचार, कदाचार और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं।
मामला Ajay Kumar Mishra से जुड़ा है, जो सीएमएसडी स्टोर, सीएमओ कार्यालय बस्ती में चीफ फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। आरोप है कि उन्होंने तबादला नीति को दरकिनार करते हुए लंबे समय से एक ही जिले और कुर्सी पर बने रहकर मनमानी की।
भारतीय किसान यूनियन भानू गुट समेत कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विभागीय जांचों और आरोप सिद्ध होने के बावजूद अब तक उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
हाल ही में स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय की ओर से भेजे गए पत्र में स्टॉक बुक और वितरण वाउचर पर वार्ड बॉय से हस्ताक्षर कराने के मामले में कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि लंबे समय तक एक ही जिले में तैनाती के दौरान अकूत संपत्ति अर्जित की गई।
समाजसेवियों और किसान यूनियन नेताओं ने उपमुख्यमंत्री, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा निदेशक पैरामेडिकल को पत्र भेजकर तबादला नीति के पालन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर इतने आरोपों के बावजूद संबंधित अधिकारी को संरक्षण कौन दे रहा है।
