✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र‘आदित्य’
बन्द मुट्ठी सवा लाख की,
खुल गयी तो ख़ाक की,
कहावत कितनी प्रसिद्ध है,
अपने आप से यह सिद्ध है।
बन्द मुट्ठी में जो कुछ भी होता है,
इंसान तभी तक गुप्त रख पाता है,
जब तक वह मुट्ठी नहीं खोलता है,
खुलने से सत्य पता चल जाता है।
बंद मुट्ठी पारिवारिक,सामाजिक
एकता की भी द्योतक होती है,
जब तक हम एक जुट रहते हैं,
सारी बाधाएँ पार कर लेते हैं।
एकता जैसे ख़त्म हो जाती है,
विरोधी शक्ति प्रबल हो जाती है,
पारिवारिक रिश्ते भी टूट जाते हैं,
सामाजिक ताने बाने बिखर जाते हैं।
छोटी छोटी बातों को तूल न दें,
आपस का सौहार्द बनाये रखें,
घर, परिवार, समाज और देश,
के सामने निहित स्वार्थ गौड़ रखें।
आदित्य एकता में जो ताक़त है,
अलग अलग होने में नहीं होती है,
एकल परिवार स्वार्थ आधारित हैं,
संयुक्त परिवार में सबका हित है।
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में शुक्रवार को "सतत कृषि…
शिक्षक एमएलसी चुनाव: बदलाव की मांग तेज संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। गोरखपुर-अयोध्या शिक्षक…
भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण को लेकर व्याप्त समस्याओं और खामियों को…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिला सोनार समाज की आवश्यक बैठक पेड़ा गली, मालवीय रोड स्थित…
बसपा के कद्दावर नेता और रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, पूर्वांचल की राजनीति में…
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मेहदावल के प्रधानाचार्य उदय नारायण ने…